सिकटी। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सिकटी थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सघन वाहन जांच के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में नशीली दवाएं जब्त करते हुए एक कथित तस्कर को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नशीली दवाओं की खेप भारत से नेपाल ले जाई जा रही थी। आरोपी से पूछताछ में कथित नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है।

सिकटी थानाध्यक्ष रौशन कुमार सिंह ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को नशीली दवाओं की तस्करी के संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम को सक्रिय किया गया और सीमा क्षेत्र में वाहनों की सघन जांच शुरू की गई।

पुलिस की कार्रवाई भारतीय सीमा क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर की गई। जांच के दौरान एक संदिग्ध को रोका गया। तलाशी लेने पर उसके पास से बड़ी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद होने की बात कही गई है। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

नेपाल पहुंचाई जानी थी नशीली दवाओं की खेप

पुलिस के अनुसार शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि बरामद नशीली दवाओं को भारत से नेपाल पहुंचाया जाना था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को यह खेप कहां से मिली थी और नेपाल में इसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था।

सीमावर्ती इलाका होने के कारण पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कथित सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। आरोपी के संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस के लिए यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि आरोपी केवल खेप को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का काम करता था या नशीली दवाओं के कारोबार में उसकी कोई और भूमिका भी थी।

पूछताछ में कई खुलासे का दावा

गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान नशीली दवाओं के कथित कारोबार से संबंधित कई जानकारियां मिलने का दावा किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने कुछ ऐसे लोगों के बारे में भी जानकारी दी है, जिनसे उसकी बातचीत केवल फोन के माध्यम से होती थी।

आरोपी ने कथित तौर पर इस कारोबार में कुछ ‘सफेदपोश’ लोगों की संलिप्तता की बात कही है। हालांकि पूछताछ में किए गए इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है। पुलिस अब आरोपी से मिली जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करेगी।

जांच में किसी व्यक्ति का नाम सामने आने भर से उसकी संलिप्तता साबित नहीं होती। पुलिस को कॉल रिकॉर्ड, लेन-देन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की पुष्टि करनी होगी। ठोस साक्ष्य मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।

फोन संपर्कों की जांच हो सकती है अहम

आरोपी द्वारा कुछ लोगों से केवल फोन पर संपर्क होने की बात सामने आने के बाद मोबाइल से जुड़े रिकॉर्ड जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। पुलिस आरोपी के संपर्कों की पड़ताल कर यह जानने की कोशिश कर सकती है कि वह किन लोगों से नियमित बातचीत करता था और नशीली दवाओं की कथित सप्लाई को लेकर किस तरह निर्देश दिए जाते थे।

इसके अलावा यदि किसी प्रकार का डिजिटल या बैंकिंग लेन-देन हुआ है तो उसकी भी जांच की जा सकती है। इससे पुलिस को कथित तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल

थानाध्यक्ष रौशन कुमार सिंह के अनुसार पुलिस को पहले ही नशीली दवाओं की खेप सीमा पार पहुंचाए जाने की गुप्त सूचना मिल गई थी। इसके बाद निर्धारित क्षेत्र में वाहनों की जांच तेज कर दी गई।

सीमा से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर हुई इस कार्रवाई के कारण पुलिस को आरोपी को कथित खेप के साथ पकड़ने में सफलता मिली। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इससे पहले भी इसी रास्ते का इस्तेमाल तस्करी के लिए किया गया था या नहीं।

सीमा क्षेत्र में तस्करी बड़ी चुनौती

भारत-नेपाल सीमा के आसपास नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित दवाओं की अवैध आवाजाही रोकना सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों की दैनिक आवाजाही होती है। ऐसे में संदिग्ध गतिविधियों की पहचान के लिए सूचना तंत्र और वाहन जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ताजा कार्रवाई में गुप्त सूचना के बाद की गई सघन जांच को पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। अब इस गिरफ्तारी के आधार पर कथित नेटवर्क के दूसरे सदस्यों तक पहुंचना जांच की अगली बड़ी चुनौती होगी।

सप्लाई चेन खंगाल रही पुलिस

पुलिस के सामने कई सवाल हैं। नशीली दवाओं की खेप कहां से लाई गई, इसे आरोपी तक किसने पहुंचाया, सीमा पार इसका खरीदार कौन था और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं—इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा सकती है।

आरोपी से मिले सुरागों की पुष्टि के बाद पुलिस अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी कार्रवाई कर सकती है। खास तौर पर कथित ‘सफेदपोश’ लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस को ठोस साक्ष्य जुटाने होंगे।

नशीली दवाओं की बरामदगी की मात्रा और प्रकार का विस्तृत विवरण सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस ने भारी मात्रा में नशीली दवाएं जब्त किए जाने और एक आरोपी को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है।

इस कार्रवाई से यह भी संकेत मिला है कि सीमा क्षेत्र में पुलिस नशीली दवाओं की आवाजाही को लेकर सतर्क है। सघन वाहन जांच और सूचना तंत्र के जरिए ऐसे मामलों पर शिकंजा कसने की कोशिश की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में मिली जानकारियों की जांच पूरी होने के बाद कथित तस्करी नेटवर्क के बारे में और खुलासे हो सकते हैं। यदि दूसरे लोगों की संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो पुलिस आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी कर सकती है।

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