बिहार

12.5 किलो गांजा और लाखों की नकदी बरामद तीन आरोपी गिरफ्तार

Kavita2
5 Sept 2026 5:08 PM IST
12.5 किलो गांजा और लाखों की नकदी बरामद तीन आरोपी गिरफ्तार
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भोजपुर। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। टाउन थाना क्षेत्र के धरहरा-इब्राहिमनगर और शिवगंज इलाके में पुलिस ने छापेमारी कर तीन कथित गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के ठिकानों से 12 किलो 530 ग्राम गांजा, 10 लाख 52 हजार रुपये से अधिक नकद, करीब 100 ग्राम का सोने का बिस्किट और पिस्टल की एक मैगजीन बरामद की गई है। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना मिलने के बाद पुलिस अब आरोपियों के कथित तस्करी नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की कड़ियां खंगालने में जुटी है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इब्राहिमनगर निवासी अभिमन्यु कुमार उर्फ मोनू, शक्तिनगर शिवगंज निवासी अभिषेक कुमार उर्फ सोनू और राहुल पटेल उर्फ गुड्डू चौधरी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक अभिषेक और राहुल सगे भाई हैं। सदर के प्रभारी एसडीपीओ मनोज कुमार ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर पूरी कार्रवाई की जानकारी दी।

पुलिस की कार्रवाई टाउन थाना क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर की गई। मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान गांजे के साथ बड़ी मात्रा में नकदी मिलने से पुलिस टीम भी सतर्क हो गई। इसके बाद बरामद सामान को जब्त करते हुए आरोपियों को हिरासत में लिया गया।

12 किलो से ज्यादा गांजा बरामद

पुलिस के अनुसार कार्रवाई में कुल 12 किलो 530 ग्राम गांजा बरामद किया गया है। बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गांजे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसकी आपूर्ति किन लोगों तक की जानी थी।

मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों के संपर्कों की भी जांच की जा सकती है। पुलिस के सामने अब कथित सप्लाई चेन का पता लगाने की चुनौती है। आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्क और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से यह जानकारी सामने आ सकती है कि उनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।

10.52 लाख से ज्यादा नकदी मिलने से बढ़ी जांच

छापेमारी के दौरान 10 लाख 52 हजार रुपये से अधिक की नकदी भी बरामद होने की बात कही गई है। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस अब इसके स्रोत की जांच करेगी। यह पता लगाया जाएगा कि रकम कहां से आई और इसका मादक पदार्थों के कथित कारोबार से कोई संबंध है या नहीं।

जांच के दौरान आरोपियों से नकदी के संबंध में दस्तावेज और जानकारी मांगी जा सकती है। पुलिस के लिए यह भी पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि क्या रकम किसी हालिया लेन-देन से जुड़ी थी या इसे किसी अन्य उद्देश्य से रखा गया था।

पुलिस जांच पूरी होने से पहले बरामद रकम के स्रोत को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। फिलहाल नकदी को जब्त कर उससे संबंधित तथ्यों की जांच की जा रही है।

करीब 100 ग्राम का सोने का बिस्किट भी मिला

इस कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाली बरामदगी में करीब 100 ग्राम का सोने का बिस्किट भी शामिल है। पुलिस अब सोने के स्रोत और उसके स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर सकती है।

बड़ी नकदी और सोना एक साथ मिलने के कारण मामले की आर्थिक जांच महत्वपूर्ण हो गई है। यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि बरामद संपत्ति वैध आय से खरीदी गई थी या उसका किसी गैरकानूनी गतिविधि से संबंध है।

आरोपियों के बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन से संबंधित जानकारी भी जांच के दायरे में आ सकती है। यदि संदिग्ध लेन-देन सामने आते हैं तो पुलिस उसके आधार पर जांच का दायरा बढ़ा सकती है।

पिस्टल की मैगजीन मिलने से भी उठे सवाल

छापेमारी के दौरान पुलिस ने पिस्टल की एक मैगजीन भी बरामद की है। मैगजीन मिलने के बाद पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि संबंधित पिस्टल कहां है और यह किसकी है। इसके अलावा हथियार से जुड़े दस्तावेज और उसके इस्तेमाल को लेकर भी जांच की जा सकती है।

मादक पदार्थों से जुड़े मामले में हथियार की मैगजीन की बरामदगी को पुलिस गंभीरता से ले सकती है। यह पता लगाना आवश्यक होगा कि इसका कथित तस्करी गतिविधियों से कोई संबंध था या नहीं।

दो आरोपी सगे भाई

गिरफ्तार अभिषेक कुमार उर्फ सोनू और राहुल पटेल उर्फ गुड्डू चौधरी सगे भाई बताए गए हैं। दोनों शक्तिनगर शिवगंज के रहने वाले हैं। तीसरा आरोपी अभिमन्यु कुमार उर्फ मोनू इब्राहिमनगर का निवासी है।

पुलिस तीनों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उनके बीच किस तरह का संबंध था और कथित गांजा कारोबार में उनकी अलग-अलग भूमिका क्या थी। इसके अलावा इस नेटवर्क में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की भी पड़ताल की जा सकती है।

तस्करी नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही पुलिस

मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस का फोकस केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं रहेगा। गांजा कहां से आया, इसकी सप्लाई किसने की और आगे इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था, इन सवालों के जवाब जांच के लिए अहम होंगे।

बरामद नकदी और सोने के स्रोत का पता लगने पर मामले में नए तथ्य सामने आ सकते हैं। यदि जांच में दूसरे लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

सदर के प्रभारी एसडीपीओ मनोज कुमार ने शनिवार को प्रेस वार्ता में पुलिस कार्रवाई और बरामदगी की जानकारी साझा की। फिलहाल तीनों गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।

12 किलो 530 ग्राम गांजा के साथ 10.52 लाख रुपये से अधिक नकदी और करीब 100 ग्राम सोने के बिस्किट की बरामदगी के कारण यह मामला चर्चा में है। अब पुलिस जांच से यह स्पष्ट होगा कि कथित तस्करी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसके तार किन-किन लोगों से जुड़े हुए हैं।

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