रोहतास। वर्षों से फाइलों में अटकी आरा-मां मुंडेश्वरी धाम रेल परियोजना को एक बार फिर गति मिलने की उम्मीद जगी है। करीब 18 वर्षों से लंबित इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना के निर्माण कार्य को दोबारा शुरू कराने की दिशा में पहल की गई है। इस संबंध में लोजपा (रामविलास) के युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव चंदन तिवारी ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से मुलाकात कर परियोजना को पुनर्जीवित कराने का आग्रह किया।
चंदन तिवारी ने परियोजना से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्रीय मंत्री को पत्र सौंपा। उनके आग्रह पर चिराग पासवान ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर आरा-मां मुंडेश्वरी धाम रेल परियोजना के निर्माण कार्य को फिर से शुरू कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
18 वर्षों से लंबित है परियोजना
आरा-मां मुंडेश्वरी धाम रेल परियोजना को शाहाबाद क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाओं में गिना जाता है। इसके पूरा होने से क्षेत्र के लोगों को रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलने के साथ ही धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, परियोजना लंबे समय से विभिन्न कारणों से आगे नहीं बढ़ सकी। करीब 18 वर्षों से इसके निर्माण को लेकर लोगों की उम्मीदें बनी हुई हैं, लेकिन धरातल पर अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई। परियोजना के लंबित रहने से स्थानीय लोगों में निराशा भी रही है।
अब केंद्रीय मंत्री की ओर से रेल मंत्री को पत्र लिखे जाने के बाद इस परियोजना को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
चंदन तिवारी ने उठाया मुद्दा
दिनारा प्रखंड के बेलहन निवासी चंदन तिवारी ने परियोजना को लेकर पहल करते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि आरा-मां मुंडेश्वरी धाम रेल परियोजना केवल एक रेल लाइन का निर्माण नहीं है, बल्कि इससे शाहाबाद क्षेत्र के बड़े हिस्से को परिवहन के बेहतर साधन से जोड़ने की संभावना है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि परियोजना को प्राथमिकता देते हुए इसके निर्माण कार्य को दोबारा शुरू कराने के लिए केंद्र स्तर पर पहल की जाए। लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए उन्होंने परियोजना की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया।
रेल मंत्री से कार्रवाई का अनुरोध
चंदन तिवारी के आग्रह पर केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने 21 अगस्त को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा। पत्र में आरा-मां मुंडेश्वरी धाम रेल परियोजना के निर्माण कार्य को पुनः शुरू कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।
केंद्रीय मंत्री की ओर से रेल मंत्रालय को पत्र भेजे जाने के बाद परियोजना को लेकर क्षेत्रीय लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। लोगों को उम्मीद है कि अब संबंधित विभाग परियोजना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करेगा और इसे आगे बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।
धार्मिक पर्यटन को भी मिलेगा लाभ
मां मुंडेश्वरी धाम बिहार के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। बेहतर रेल कनेक्टिविटी होने से श्रद्धालुओं के लिए यात्रा आसान होने की उम्मीद है।
आरा-मां मुंडेश्वरी धाम रेल परियोजना के पूरा होने पर क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। इससे स्थानीय कारोबार, परिवहन, होटल, छोटे दुकानदारों और अन्य व्यवसायों को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की संभावना है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि रेल सुविधा का विस्तार होने से न केवल धार्मिक यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्र के अन्य पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी आसान होगी।
क्षेत्र के विकास से जुड़ी है उम्मीद
शाहाबाद क्षेत्र में लंबे समय से बेहतर रेल कनेक्टिविटी की मांग उठती रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, किसी भी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। रेल संपर्क मजबूत होने से रोजगार, शिक्षा, व्यापार और स्वास्थ्य सुविधाओं तक लोगों की पहुंच आसान हो सकती है।
इसी वजह से आरा-मां मुंडेश्वरी धाम रेल परियोजना को स्थानीय स्तर पर केवल यातायात सुविधा के तौर पर नहीं देखा जाता, बल्कि इसे क्षेत्र के व्यापक विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।
अब रेल मंत्रालय की कार्रवाई पर नजर
21 अगस्त को केंद्रीय मंत्री की ओर से रेल मंत्री को पत्र भेजे जाने के बाद अब लोगों की नजर रेल मंत्रालय की अगली कार्रवाई पर है। परियोजना को दोबारा शुरू करने के लिए तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
करीब 18 वर्षों से लंबित परियोजना के संबंध में केंद्रीय स्तर पर पहल होने से क्षेत्रवासियों में उत्साह है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि पत्राचार तक सीमित रहने के बजाय परियोजना की वास्तविक स्थिति की समीक्षा कर निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में ठोस निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल, चंदन तिवारी की पहल और चिराग पासवान द्वारा रेल मंत्री को लिखे गए पत्र ने लंबे समय से अधर में पड़ी आरा-मां मुंडेश्वरी धाम रेल परियोजना को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। यदि रेल मंत्रालय की ओर से सकारात्मक कार्रवाई होती है, तो यह शाहाबाद क्षेत्र के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित रेल सुविधा को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।