भागलपुर में गंगा का जलस्तर घटा खतरे के निशान से 21 सेमी नीचे पहुंची नदी
भागलपुर में बाढ़ का खतरा कम
भागलपुर: बिहार के भागलपुर में गंगा नदी के जलस्तर में अब कमी आने के संकेत मिलने लगे हैं। गंगा का पानी खतरे के निशान से करीब 21 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर से परेशान लोगों को अब राहत की उम्मीद जगी है। प्रशासन का कहना है कि फरक्का बराज के फाटक खोले जाने के बाद नदी का दबाव कम हो सकता है। पिछले कुछ दिनों से गंगा के बढ़ते जलस्तर ने भागलपुर और आसपास के निचले इलाकों में चिंता बढ़ा दी थी। कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बने और प्रशासन को राहत व बचाव कार्य तेज करने पड़े।
फरक्का बराज के गेट खुलने से राहत की उम्मीद
जल संसाधन विभाग और प्रशासन की निगरानी के बीच फरक्का बराज के गेट खोले गए हैं। इससे गंगा के पानी का बहाव बढ़ेगा और नदी में जमा पानी का दबाव कम होने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर में गिरावट आने से तटवर्ती इलाकों और दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत मिल सकती है। हालांकि प्रशासन ने अभी भी सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
तटबंधों पर अब भी नजर
गंगा के उफान के कारण कई जगहों पर तटबंधों पर दबाव बना हुआ है। भागलपुर के कुछ इलाकों में कटाव की समस्या भी सामने आई है, जिसके बाद प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है।
ग्रामीण इलाकों में बनी हुई है चिंता
हालांकि गंगा का जलस्तर कम होने की उम्मीद है, लेकिन नदी किनारे बसे गांवों में अभी भी लोगों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। कई जगह खेतों में पानी भरने और आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलस्तर घटने से राहत मिलेगी, लेकिन कटाव और बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई बड़ी चुनौती होगी।
प्रशासन ने जारी की सतर्कता
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें। राहत शिविरों, नावों और अन्य संसाधनों की व्यवस्था को भी तैयार रखा गया है। फिलहाल भागलपुर में गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। फरक्का बराज के फाटक खुलने के बाद अब उम्मीद है कि आने वाले दिनों में नदी का दबाव कम होगा और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हालात सामान्य हो सकेंगे।