नीतीश के मांझी पर भाजपा की नजर, बदलते रहे हैं ठिकाना

Update: 2023-04-13 10:57 GMT
पटना, (आईएएनएस)| बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी भी दिल्ली पहुंचे हैं। दिल्ली में उन्होंने गुरुवार को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा तथा माउंटेन मैन दशरथ मांझी को भारत रत्न देने की मांग की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विपक्षी दलों के एकजुट करने की कवायद के बीच मांझी का दिल्ली जाकर गृह मंत्री शाह से मिलने की सूचना के बाद प्रदेश की सियासत में कई तरह के कयास लगाए जाने लगे।
हालांकि मांझी ने गृहमंत्री से मुलाकात के बाद इन कयासों पर विराम लगाते हुए कहा कि वे नीतीश कुमार के साथ हैं, वह जहां रहेंगे, उसी के साथ मैं भी रहूंगा।
उन्होंने नीतीश की तारीफ करते हुए यहां तक कह दिया कि उनमें प्रधानमंत्री बनने के सारे गुण हैं।
वह विपक्षी दलों को एकजुट करने का ईमानदार प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि दशरथ मांझी, जननायक कपर्ूी ठाकुर और आजाद भारत में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण को भारत रत्न देने की भी मांग की।
उन्होंने साफ लहजे में कहा कि एनडीए में जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। वैसे, भले ही मांझी एनडीए में जाने के किसी भी संभावना से इनकार कर रहे हों, लेकिन बिहार की सियासत में इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
कहा जा रहा है कि नीतीश के महागठबंधन के साथ जाने के पहले मांझी एनडीए में थे और उस समय भी अमित शाह गृह मंत्री थे। सवाल उठाए जा रहे हैं कि अगर दशरथ मांझी के लिए उन्हें भारत रत्न की मांग करनी थी, तो उस समय भी कर सकते थे।
सूत्रों का कहना है कि भाजपा महागठबंधन में बिखराव चाहती है। जदयू से उपेंद्र कुशवाहा बाहर जा चुके हैं, ऐसे में अब भाजपा मांझी के जरिए दलित वोटों को अपनी ओर लाने की जुगत में है।
वैसे, मांझी की पहचान पाला बदलने वाले नेता के रूप में रही है। मांझी कई बार पाला बदल चुके हैं। मांझी बिहार में शराबबंदी नीति का विरोध करते रहे हैं और पिछले दिनों तो उन्होंने अपने पुत्र और बिहार के मंत्री संतोष सुमन को मुख्यमंत्री के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार बता दिया था।
--आईएएनएस
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