बिहार: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट करने के आरोप में बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (CCSU) ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल समेत कुल 10 सोशल मीडिया अकाउंट को चिह्नित कर नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को भी संबंधित पोस्ट हटाने और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बिहार पुलिस की साइबर इकाई की ओर से जारी नोटिस में संबंधित एक्स हैंडल से किए गए पोस्ट के लिंक साझा किए गए हैं। एक्स से कहा गया है कि इन पोस्टों को तत्काल हटाया जाए और उनसे जुड़े सभी डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखा जाए, ताकि जांच के दौरान उनका इस्तेमाल किया जा सके।
पुलिस ने एक्स से संबंधित अकाउंट संचालकों की जानकारी भी मांगी है। इसमें अकाउंट चलाने वाले व्यक्ति या संस्था का विवरण, आईपी एड्रेस, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, लॉग-इन जानकारी, पोस्ट अपलोड करने से जुड़ा डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा गया है।
सीसीएसयू ने अपने नोटिस में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 79, आईटी नियमों और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों का हवाला दिया है। पुलिस का कहना है कि कुछ एक्स हैंडल से मुख्यमंत्री को निशाना बनाते हुए ऐसे पोस्ट किए गए, जो कथित रूप से भ्रामक हैं और इनसे आम लोगों को गुमराह किया जा सकता है। पुलिस ने आशंका जताई है कि ऐसे पोस्ट सार्वजनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।
बिहार पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को यह भी निर्देश दिया है कि जांच पूरी होने तक संबंधित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। पुलिस का कहना है कि डिजिटल रिकॉर्ड की मदद से यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित पोस्ट किस व्यक्ति या संस्था द्वारा किए गए और इसके पीछे की मंशा क्या थी।
नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर संबंधित कार्रवाई नहीं की गई तो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और बीएनएसएस के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। राष्ट्रीय जनता दल ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से पुलिस नोटिस की तस्वीर साझा करते हुए सरकार पर सवाल उठाए हैं। राजद ने आरोप लगाया कि क्या बिहार पुलिस अब विपक्ष की आवाज को भी नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है।
राजद की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा गया कि यदि कोई व्यक्ति आलोचना और सवालों को सुनने की क्षमता नहीं रखता है तो उसे राजनीति में नहीं रहना चाहिए। पार्टी ने इस कार्रवाई को लेकर सरकार पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रभावित करने का आरोप लगाया है।
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री के खिलाफ की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली गलत सूचनाओं पर नियंत्रण करना है।
फिलहाल साइबर इकाई मामले की जांच कर रही है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि इन सोशल मीडिया पोस्ट के पीछे कौन लोग शामिल थे और क्या इन पोस्टों में कानून का उल्लंघन हुआ है या नहीं।