Patna पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी से इस्तीफे की घोषणा के बाद नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से उन्हें लगातार अपमानित किया जा रहा था और उनकी शिकायतों पर पार्टी नेतृत्व ने कोई ध्यान नहीं दिया।
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि जब वर्ष 2014 में राजद सबसे कठिन दौर से गुजर रही थी, तब पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ पार्टी की विचारधारा और नेताओं की बात जनता तक पहुंचाने का काम किया।
तिवारी ने कहा कि पिछले सात-आठ महीनों से उन्हें लगातार अपमानित किया गया। उन्होंने अपनी नाराजगी कई वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सामने भी रखी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पार्टी में कुछ ऐसे लोग प्रभावशाली हो गए हैं, जिनकी वजह से तेजस्वी यादव की बात भी प्रभावी नहीं रह गई है।
उन्होंने कहा कि एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में उनके पास पार्टी छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह शुक्रवार को अपना औपचारिक इस्तीफा सौंपेंगे।
मृत्युंजय तिवारी ने यह भी कहा कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने हमेशा उन्हें सम्मान दिया, जबकि तेजस्वी यादव भी उनका सम्मान करते थे, लेकिन पार्टी में कुछ लोगों का रवैया उनके लिए असहनीय हो गया। उन्होंने दावा किया कि राजद के कई कार्यकर्ता भी मौजूदा स्थिति से असंतुष्ट हैं और पार्टी नेतृत्व को आत्ममंथन करने की जरूरत है।