बिहार: बहुप्रतीक्षित अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पूर्वी बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली इस बड़ी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है। नागरिक उड्डयन विभाग की ओर से जारी संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति के अनुसार, एयरपोर्ट निर्माण के लिए मुंगेर और भागलपुर जिलों में कुल 3145 एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहित की जाएगी।
इस परियोजना के तहत मुंगेर जिले में सबसे ज्यादा जमीन अधिग्रहित की जाएगी। आंकड़ों के मुताबिक, मुंगेर जिले में करीब 1720.1160 एकड़ भूमि एयरपोर्ट परियोजना के लिए ली जाएगी, जबकि भागलपुर जिले में लगभग 1425.1148 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। दोनों जिलों को मिलाकर एयरपोर्ट परियोजना का कुल क्षेत्रफल 3145.2308 एकड़ होगा।
अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को पूर्वी बिहार के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इस एयरपोर्ट के निर्माण से क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा आसपास के जिलों के लोगों को बेहतर हवाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत मुंगेर जिले के कई इलाकों की जमीन को परियोजना के दायरे में शामिल किया गया है। इनमें असरगंज अंचल के अमैया, ढोलपहाड़ी मिलिक, ढोलपहाड़ी माल, चौरगांव, पुरुषोत्तमपुर-सतघरिया और सजुआ समेत कई गांव शामिल हैं। इसके अलावा बरियारपुर अंचल की कुछ जमीनों को भी एयरपोर्ट परियोजना के लिए चिन्हित किया गया है।
प्रशासन की ओर से बताया गया है कि जमीन अधिग्रहण के दौरान किसानों को संशोधित दरों के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। इससे प्रभावित किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य मिल सकेगा। रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना के लिए किसानों को करीब 1329 करोड़ रुपये का मुआवजा दिए जाने की योजना है।
एयरपोर्ट निर्माण के साथ यहां आधुनिक एयरोसिटी विकसित करने की भी योजना है। एयरोसिटी में व्यापारिक गतिविधियों, होटल, लॉजिस्टिक सुविधाओं और अन्य आधुनिक सेवाओं को विकसित किया जा सकता है। इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
बिहार में हवाई यातायात को बढ़ावा देने के लिए पिछले कुछ वर्षों में कई प्रयास किए जा रहे हैं। पटना एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को देखते हुए नए विकल्पों की जरूरत महसूस की जा रही है। ऐसे में अजगैबीनाथ धाम एयरपोर्ट परियोजना को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
इस परियोजना से न केवल मुंगेर और भागलपुर बल्कि आसपास के जिलों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। बेहतर हवाई संपर्क से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन क्षेत्र को भी नई गति मिल सकती है। खासतौर पर धार्मिक पर्यटन के लिहाज से यह एयरपोर्ट महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि अजगैबीनाथ धाम और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
हालांकि, बड़े स्तर की परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण हमेशा एक महत्वपूर्ण चरण होता है। प्रशासन के सामने किसानों की सहमति, मुआवजा वितरण और जमीन से जुड़े अन्य मामलों को समय पर पूरा करने की चुनौती होगी। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रक्रिया को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है।
अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना के पूरा होने के बाद पूर्वी बिहार में विकास की नई संभावनाएं खुल सकती हैं। यह एयरपोर्ट क्षेत्र को राज्य और देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है। फिलहाल भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आने के बाद परियोजना को जमीन पर उतारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।C