पटना। बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार राजस्व सेवा के नौ अधिकारियों के त्यागपत्र को मंजूरी दे दी है। इन अधिकारियों का चयन बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की अलग-अलग परीक्षाओं के माध्यम से अन्य सेवाओं में हुआ है। इस्तीफा स्वीकार होने के बाद अब विभाग खाली हुए पदों को नए सिरे से भरने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में जुट गया है।

विभाग की ओर से बताया गया कि इन अधिकारियों ने अलग-अलग समय पर अपने पदों से त्यागपत्र दिया था। जांच और औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद विभाग ने उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है।

इन अधिकारियों के जाने से बिहार राजस्व सेवा में कई पद रिक्त हो गए हैं। विभाग अब इन रिक्त पदों को भरने के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू करेगा, ताकि राजस्व कार्यों में किसी तरह की परेशानी न हो और प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।

मधुबनी जिले में सबसे अधिक पद खाली

त्यागपत्र स्वीकार होने के बाद सबसे ज्यादा चार पद मधुबनी जिले से रिक्त हुए हैं। इनमें खजौली के राजस्व अधिकारी महेंद्र कुमार भी शामिल हैं। उनका चयन बिहार पुलिस सेवा में हुआ है। अब वह आरक्षी उपाधीक्षक (DSP) के पद पर योगदान देंगे।

महेंद्र कुमार के अलावा मधुबनी जिले में अन्य राजस्व अधिकारियों के पद भी खाली हुए हैं। इससे जिले में राजस्व संबंधी कामकाज के लिए नए अधिकारियों की नियुक्ति की आवश्यकता बढ़ गई है।

अधिकारियों का हुआ अन्य सेवाओं में चयन

इन नौ अधिकारियों में से कई का चयन BPSC के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं में हुआ है। सरकारी सेवाओं में काम कर रहे कई अधिकारी समय-समय पर बेहतर अवसर मिलने पर दूसरी सेवाओं में चयनित होते हैं।

BPSC की परीक्षाओं के जरिए चयनित होने के बाद इन अधिकारियों ने नई जिम्मेदारी संभालने के लिए वर्तमान पद से इस्तीफा दिया है। विभाग ने नियमों के अनुसार उनके त्यागपत्र स्वीकार कर लिए हैं।

खाली पदों को भरने की तैयारी

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग अब रिक्त हुए पदों पर नए अधिकारियों की नियुक्ति की तैयारी कर रहा है। विभाग का उद्देश्य है कि राजस्व कार्यालयों में कामकाज प्रभावित न हो और लोगों को समय पर सेवाएं मिलती रहें।

राजस्व अधिकारियों की भूमिका जमीन से जुड़े मामलों में काफी महत्वपूर्ण होती है। दाखिल-खारिज, भूमि विवाद, प्रमाण पत्र से जुड़े कार्य और अन्य राजस्व मामलों के निपटारे में इन अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है।

अधिकारियों के पद खाली होने से आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए विभाग जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था करने की तैयारी में है।

प्रशासनिक सेवाओं में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा

बिहार में सरकारी सेवाओं को लेकर युवाओं में लगातार रुचि बढ़ रही है। BPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रशासनिक और पुलिस सेवाओं में चयनित हो रहे हैं।

कई बार पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत अधिकारी भी उच्च पदों और बेहतर अवसरों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। चयन होने के बाद उन्हें पुरानी सेवा छोड़कर नई जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है।

विभाग ने पूरी की प्रक्रिया

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अधिकारियों के इस्तीफे को स्वीकार करने से पहले सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कीं। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को पदमुक्त करने की कार्रवाई की गई।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए उपलब्ध नियमों के तहत नियुक्ति की जाएगी।

राजस्व व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

बिहार सरकार लगातार राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। जमीन से जुड़े मामलों के बढ़ते बोझ को देखते हुए पर्याप्त संख्या में अधिकारियों की मौजूदगी जरूरी है।

अधिकारियों के स्थानांतरण और त्यागपत्र के बाद विभाग के सामने चुनौती है कि खाली पदों को जल्द भरा जाए। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में राजस्व कार्यों की गति बनी रहेगी।

फिलहाल नौ अधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार होने के बाद विभाग रिक्तियों की सूची तैयार कर आगे की कार्रवाई में जुट गया है। जल्द ही इन पदों पर नई नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

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