Assam असम : गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) के वरिष्ठ डॉक्टरों, प्रशिक्षु डॉक्टरों, नर्सों और एक तकनीशियन समेत सात चिकित्सा कर्मचारियों को पिछले महीने नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में चार दिन के शिशु की लापरवाही से हुई मौत के मामले में निलंबित कर दिया गया है।
जीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. देवोजित चौधरी ने डॉ. अनुपमा डेका (बाल रोग विभागाध्यक्ष), डॉ. दीपांकर हजारिका (एसोसिएट प्रोफेसर), नर्स-इन-चार्ज गोमती देवी, स्टाफ नर्स चंदना नाथ, आईसीयू तकनीशियन इशानज्योति तालुकदार और दो अन्य लोगों के निलंबन की पुष्टि की है। मंगलवार को मीडिया को जानकारी देते हुए डॉ. चौधरी ने कहा, "समिति के निष्कर्षों, स्वास्थ्य अधिकारियों की रिपोर्ट और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार सभी सातों को निलंबित कर दिया गया है। शिशु की मौत का प्राथमिक कारण कर्तव्य में लापरवाही को माना गया है।"
गुवाहाटी के नूनमाटी निवासी स्मिता डेका के यहां 15 अगस्त को सी-सेक्शन से जन्मे बच्चे को पीलिया होने पर एनआईसीयू में भर्ती कराया गया था। 18 अगस्त को बच्चा फोटोथेरेपी बेड की रेलिंग से लटका हुआ पाया गया और उसे मृत घोषित कर दिया गया, जिससे राज्यव्यापी आक्रोश फैल गया।