गुवाहाटी: पुलिस ने मंगलवार को बताया कि श्रीभूमि ज़िले में देर रात चलाए गए एक ऑपरेशन के दौरान चार बांग्लादेशी नागरिकों और मवेशियों की तस्करी में शामिल एक कथित भारतीय बिचौलिये को हिरासत में लिया गया।
पुलिस के अनुसार, ये चार बांग्लादेशी नागरिक कथित तौर पर मवेशियों की तस्करी में शामिल थे और भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में दाखिल हुए थे। उनका मकसद मवेशियों को गैर-कानूनी तरीके से वापस बांग्लादेश ले जाना था।
यह ऑपरेशन सोमवार देर रात बदरपुर के महाकालगांव में चलाया गया। इसे श्रीभूमि ज़िला बॉर्डर पुलिस के DSP मुकुट काकती और बदरपुर पुलिस स्टेशन के इंचार्ज मानस प्रतिम बोरा की अगुवाई वाली टीम ने अंजाम दिया।
पुलिस ने इन चार बांग्लादेशी नागरिकों के साथ एक भारतीय नागरिक को भी हिरासत में लिया, जिस पर मवेशियों की तस्करी के इस कथित नेटवर्क में मदद करने का शक है।
हिरासत में लिए गए बांग्लादेशियों की पहचान रेज़ाउल करीम, सब्बीर अहमद, राचेल अहमद और हसन अहमद के तौर पर हुई है। ये सभी बांग्लादेश के सिलहट ज़िले के जाकीगंज गाँव के रहने वाले हैं।
भारतीय नागरिक की पहचान फ़ज़ल उद्दीन के तौर पर हुई है, जो कछार ज़िले के कटीगोराह निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत जगदीशपुर गाँव का रहने वाला है। पुलिस को शक है कि वह इलाके में चल रहे मवेशियों की तस्करी के नेटवर्क के लिए बिचौलिये का काम कर रहा था।
शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह ग्रुप कथित तौर पर टुकेरग्राम सीमा क्षेत्र से भारत में दाखिल हुआ था और इसके बाद भारत से बांग्लादेश मवेशियों की गैर-कानूनी आवाजाही में मदद करने की कोशिश कर रहा था।
इस घटना के बाद पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ये चार बांग्लादेशी नागरिक बिना पकड़े गए अंतरराष्ट्रीय सीमा कैसे पार कर गए और इलाके में कैसे घूमते रहे।
श्रीभूमि पुलिस ने सीमा पार करने और मवेशियों की तस्करी के नेटवर्क के मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या इसमें कोई और व्यक्ति भी शामिल था और वे कथित भारतीय बिचौलिये की भूमिका व नेटवर्क के साथ उसके संभावित संबंधों की भी जांच कर रहे हैं।
जांच जारी है और आगे की जानकारी का इंतज़ार है।
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