Yoga Tips: योगाभ्यास से स्लिप डिस्क की समस्या से पाएं राहत

Update: 2025-08-23 06:36 GMT
Yoga Tips: आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी, घंटों लैपटॉप या मोबाइल पर झुककर बैठे रहना और गलत तरीके से उठना-बैठना स्लिप डिस्क जैसी गंभीर समस्या को जन्म देता है। यह समस्या तब होती है जब रीढ़ की हड्डी के बीच मौजूद डिस्क अपनी जगह से खिसक जाती है। नतीजा होता है कमर में तेज़ दर्द, पैरों में सुन्नपन और देर तक खड़े रहने या झुकने में तकलीफ़। अगर समय रहते सावधानी न बरती जाए, तो यह समस्या आपको ज़िंदगी भर परेशान कर सकती है।
लेकिन राहत की बात यह है कि योग की मदद से स्लिप डिस्क के दर्द और तकलीफ़ को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नियमित रूप से किए जाने वाले कुछ आसान योगासन रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बढ़ाते हैं, मांसपेशियों को मज़बूत बनाते हैं और नसों पर दबाव कम करते हैं।
स्लिप डिस्क के प्रमुख लक्षण:
कमर के निचले हिस्से में लगातार दर्द।
पैरों में झनझनाहट या कमजोरी।
लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने में तकलीफ़।
झुकने या वजन उठाने पर दर्द बढ़ना।
गर्दन या पीठ में जकड़न।
स्लिप डिस्क में लाभदायक योगासन:
भुजंगासन :
यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है और नसों पर से दबाव कम करता है।
शलभासन:
रोजाना पांच मिनट शलभासन के अभ्यास से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। यह आसन कमर की मांसपेशियों को मज़बूत कर पीठ दर्द से राहत दिलाता है।
इस योग का अभ्यास कमर को आराम देता है और तनाव को दूर करता है। इसके अभ्यास के लिए पेट के बल लेटना होता है। जिसमें स्थिति
सेतुबंधासन:
सेतुबंधासन का अभ्यास रीढ़ और कमर को मजबूती देता है, रक्त संचार को बेहतर बनाता है। इसका नियमित अभ्यास पोस्चर में सुधार लाता है।
बालासन :
बालासन रीढ़ की स्ट्रेचिंग कर रिलैक्सेशन और दर्द से राहत देता है।
स्लिप डिस्क की समस्या से परेशान हैं और योग से राहत पाना चाहते हों तो कुछ बातों का ध्यान रखें।
योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही शुरुआत करें।
अचानक झटके वाले आसनों से बचें।
शुरुआती अवस्था में ज़्यादा देर तक योग न करें।
यदि दर्द असहनीय हो तो डॉक्टर से परामर्श ज़रूरी है।
Tags:    

Similar News