Yoga Tips: 40 की उम्र के बाद पुरुषों को नियमित करना चाहिए इन योगासनों का अभ्यास

Update: 2026-02-22 05:51 GMT
Yoga Tips: स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, योग कई तरह की शारीरिक समस्याओं और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। योगाभ्यास से मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं और बढ़ती उम्र में होने वाले नकारात्मक बदलावों को भी कम कर सकते हैं। यहां कुछ योगासनों के बारे में बताया जा रहा है, जिसे 40 की उम्र के बाद पुरुषों को नियमित तौर पर करना चाहिए। इन योगासनों के अभ्यास से प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, मांसपेशियों और हड्डियों संबंधित परेशानियां दूर रहती हैं और त्वचा में निखार बना रहता है।
गोमुखासन:
इस योगासन के अभ्यास से साइटिका की परेशानी ठीक होती है। गोमुखासन हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक है। यह योग कंधों की जकड़न, रीढ़ को लंबा करने, तनाव व चिंता कम करने और पीठ की मसल्स को मजबूत करने में मदद करता है।
पद्मासन:
पद्मासन घुटनों और कूल्हों के जोड़ों को लचीला बनाता है। घुटनों और टखनों में खिंचाव लाकर मजबूत करता है। रीढ़, पेट और मूत्राशय को उत्तेजित करता है। साथ ही मन को शांत रखने और पाचन क्रिया बेहतर बनाने में भी सहायक है। महिलाएं भी पद्मासन का अभ्यास कर सकती है। मासिक धर्म, साइटिका में होने वाली तकलीफ से राहत दिलाने के साथ ही गर्भावस्था में इस मुद्रा को करने से प्रसव आसान होता है।
विपरीतकर्णी:
विपरीत करणी योगासन के अभ्यास से पैरों को आराम मिलता है और मांसपेशियां मजबूत होती हैं। मानसिक और शारीरिक रूप से चिंता मुक्त रखने में भी यह आसन फायदेमंद है। गठिया के मरीजों के लिए इस आसन का नियमित अभ्यास लाभकारी हो सकता है।
अधोमुख श्वानासन के अभ्यास से शरीर को जबरदस्त फायदे होते हैं। 40 के बाद पुरुषों को इस योग का अभ्यास नियमित तौर पर करना चाहिए। इस योग से पेट की निचली मांसपेशियां मजबूत होती हैं। पाचन में सुधार, रक्त संचार में वृद्धि और एंग्जाइटी पर काबू पाया जा सकता है।
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