लाइफ स्टाइल : वास्तु शास्त्र में घर के हर हिस्से और उससे जुड़ी वस्तुओं के लिए कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। माना जाता है कि इन नियमों का पालन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। खासकर डाइनिंग टेबल को घर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है, क्योंकि यहीं परिवार के सभी सदस्य एक साथ भोजन करते हैं और आपसी संबंधों में तालमेल बनता है।
वास्तु के अनुसार डाइनिंग टेबल पर कुछ खास चीजें रखने से घर में शुभ प्रभाव पड़ता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है। सबसे पहले फ्रेश फलों से भरी टोकरी रखना बेहद शुभ माना गया है। इसमें खासकर पीले, लाल और चमकीले रंग के फल जैसे केला, सेब, संतरा और अनार रखने की सलाह दी जाती है। यह समृद्धि और अन्न-धन की वृद्धि का प्रतीक माना जाता है। दूसरी महत्वपूर्ण चीज नमक और काली मिर्च के डिब्बे हैं। वास्तु के अनुसार नमक घर की नकारात्मक ऊर्जा को सोखने का काम करता है, जिससे वातावरण शुद्ध और सकारात्मक बना रहता है। हालांकि इन्हें हमेशा साफ और भरा हुआ रखना चाहिए।
तीसरी शुभ वस्तु ताजे फूलों का फूलदान है। डाइनिंग टेबल पर पीले, गुलाबी या सफेद रंग के ताजे फूल रखने से घर में शांति, प्रेम और खुशहाली बढ़ती है। फूलों की खुशबू भोजन के माहौल को भी सुखद बनाती है। लेकिन सूखे फूलों को तुरंत हटा देना चाहिए क्योंकि वे नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकते हैं। चौथी महत्वपूर्ण चीज साफ पानी से भरा हुआ जग या बोतल है। वास्तु में पानी को जीवन और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। भोजन से पहले डाइनिंग टेबल पर पानी का होना शुभ माना जाता है। इसके लिए कांच या तांबे के बर्तन का उपयोग बेहतर माना जाता है। पांचवीं वस्तु एक छोटा सा आईना है, जिसे डाइनिंग टेबल के सामने या ऐसी जगह पर रखा जाता है जहां भोजन और टेबल स्पष्ट दिखाई दें। मान्यता है कि आईने में भोजन का प्रतिबिंब देखने से घर में धन और अन्न की वृद्धि होती है।
वास्तु शास्त्र यह भी कहता है कि डाइनिंग टेबल पर कुछ चीजें रखने से बचना चाहिए। जैसे दवाइयां, नुकीली वस्तुएं, कागज, बिल या कचरा इत्यादि नहीं रखना चाहिए। इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। साथ ही टेबल को हमेशा साफ-सुथरा रखना जरूरी है ताकि वातावरण में शांति और संतुलन बना रहे। इस प्रकार वास्तु शास्त्र के इन सरल नियमों का पालन करके डाइनिंग टेबल को न सिर्फ सुंदर बनाया जा सकता है, बल्कि घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी बढ़ाया जा सकता है।