लाइफ स्टाइल : छोटे बच्चों को मच्छरों के काटने की समस्या अक्सर देखने को मिलती है। बच्चों की त्वचा नाजुक होती है, इसलिए मच्छर के काटने से लाल निशान, खुजली, जलन और सूजन जैसी परेशानियां हो सकती हैं। कई बार मच्छरों के कारण डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में बच्चों को मच्छरों से बचाना बेहद जरूरी हो जाता है।
बाजार में मच्छर भगाने के लिए कई तरह के स्प्रे, क्रीम और कॉइल उपलब्ध हैं, लेकिन छोटे बच्चों के लिए इनके इस्तेमाल में सावधानी बरतनी चाहिए। कई माता-पिता बच्चों को मच्छरों से बचाने के लिए प्राकृतिक उपायों का सहारा लेते हैं। हालांकि किसी भी उपाय को अपनाने से पहले बच्चे की उम्र और त्वचा की संवेदनशीलता का ध्यान रखना जरूरी है।
1. नीम की पत्तियों का इस्तेमाल करें
नीम को प्राकृतिक रूप से कीट भगाने वाला माना जाता है। पुराने समय से ही घरों में मच्छरों और अन्य कीड़ों से बचाव के लिए नीम का इस्तेमाल किया जाता रहा है।
आप नीम की कुछ पत्तियों को पानी में उबालकर कमरे में रख सकते हैं। इससे नीम की खुशबू मच्छरों को दूर रखने में मदद कर सकती है।
हालांकि बच्चों की त्वचा पर सीधे नीम का तेल या कोई मिश्रण लगाने से पहले सावधानी बरतें और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लें।
2. कपूर से करें मच्छरों से बचाव
कपूर की तेज खुशबू मच्छरों को दूर रखने में मदद कर सकती है। घर में कपूर जलाने या कपूर को पानी में रखकर कमरे में रखने की परंपरा कई जगहों पर देखी जाती है।
लेकिन छोटे बच्चों वाले कमरे में कपूर का इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें कि धुआं ज्यादा न हो और बच्चे को किसी तरह की परेशानी न हो।
3. तुलसी का पौधा लगाएं
तुलसी को धार्मिक महत्व के साथ-साथ औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है। माना जाता है कि तुलसी की खुशबू मच्छरों को दूर रखने में मदद कर सकती है।
घर की बालकनी या खिड़की के पास तुलसी का पौधा रखने से आसपास का वातावरण बेहतर बना रह सकता है।
4. मच्छरदानी का करें इस्तेमाल
बच्चों को मच्छरों से बचाने का सबसे सुरक्षित और आसान तरीका मच्छरदानी का इस्तेमाल करना है।
खासकर छोटे बच्चों और नवजात शिशुओं के लिए मच्छरदानी काफी प्रभावी तरीका मानी जाती है। इससे बच्चे बिना किसी रसायन के संपर्क में आए सुरक्षित रह सकते हैं।
सोते समय बच्चे के बिस्तर को अच्छी तरह ढकें और मच्छरदानी में किसी तरह का छेद न हो, इसका ध्यान रखें।
5. घर में साफ-सफाई रखें
मच्छर अक्सर रुके हुए पानी में पनपते हैं। इसलिए घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
कूलर, गमले, बाल्टी या किसी अन्य जगह पर जमा पानी को समय-समय पर साफ करें। घर के आसपास गंदगी कम रखने से मच्छरों की संख्या को नियंत्रित किया जा सकता है।
6. बच्चों को पूरे कपड़े पहनाएं
मच्छरों से बचाव के लिए बच्चों को ऐसे कपड़े पहनाएं जिससे शरीर ज्यादा ढका रहे।
हल्के और ढीले कपड़े बच्चों के लिए बेहतर रहते हैं। शाम के समय जब मच्छरों की गतिविधि बढ़ सकती है, तब बच्चों को खुले हाथ-पैर लेकर बाहर खेलने से बचाना चाहिए।
7. लैवेंडर और सिट्रोनेला जैसी खुशबू
कुछ प्राकृतिक सुगंधों को मच्छर दूर रखने में मददगार माना जाता है। लैवेंडर और सिट्रोनेला जैसी खुशबू वाले उत्पादों का इस्तेमाल कई लोग करते हैं।
लेकिन बच्चों की त्वचा पर किसी भी एसेंशियल ऑयल को सीधे लगाने से पहले सावधानी जरूरी है। छोटे बच्चों की त्वचा पर ये चीजें जलन या एलर्जी पैदा कर सकती हैं।
मच्छर काटने के बाद क्या करें?
अगर बच्चे को मच्छर काट ले तो प्रभावित जगह को साफ रखें। खुजली ज्यादा होने पर बच्चा त्वचा को खरोंच सकता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
अगर काटने वाली जगह पर ज्यादा सूजन, तेज लालिमा, बुखार या एलर्जी जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
बच्चों के लिए किन बातों का रखें ध्यान?
बच्चों को मच्छरों से बचाने के लिए केवल घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। मच्छरदानी, साफ-सफाई और सुरक्षित तरीके सबसे ज्यादा जरूरी हैं।
मच्छर भगाने वाले उत्पादों का इस्तेमाल करते समय उनकी पैकिंग पर दिए निर्देश जरूर पढ़ें। खासकर छोटे बच्चों के मामले में अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी होता है।