लाइफ स्टाइल : वजन कम करने की कोशिश में लोग शाम की भूख मिटाने के लिए ऐसे स्नैक्स तलाशते हैं, जिनमें कैलोरी और फैट कम हो तथा जो लंबे समय तक पेट भरा रखें। मखाना और पॉपकॉर्न दोनों लोकप्रिय विकल्प हैं, लेकिन इनके बीच बेहतर कौन है, इसे लेकर अक्सर भ्रम रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों स्नैक्स पौष्टिक हो सकते हैं, लेकिन वेट लॉस के लिए उनकी मात्रा और बनाने का तरीका सबसे ज्यादा मायने रखता है।
मखाना को आमतौर पर पॉपकॉर्न से अधिक स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। इसमें प्राकृतिक रूप से फैट कम होता है और कुछ मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट तथा खनिज मिलते हैं। वहीं बिना तेल, मक्खन और फ्लेवर के तैयार किया गया एयर-पॉप्ड पॉपकॉर्न साबुत अनाज है। इसमें फाइबर की अच्छी मात्रा होती है और यह कम कैलोरी में ज्यादा मात्रा में खाया जा सकता है।
अमेरिकी कृषि विभाग के अनुसार, करीब तीन कप एयर-पॉप्ड पॉपकॉर्न में लगभग 100 कैलोरी होती हैं। इसमें करीब तीन ग्राम प्रोटीन और तीन से चार ग्राम फाइबर मिल सकता है। ज्यादा मात्रा दिखाई देने के कारण यह स्नैक पेट भरने का अहसास दिलाता है। पर्याप्त फाइबर पाचन और तृप्ति में सहायता करता है।
दोनों खाद्य पदार्थों की तुलना अक्सर प्रति 100 ग्राम के आधार पर की जाती है। इतने एयर-पॉप्ड पॉपकॉर्न में लगभग 387 कैलोरी, करीब 13 ग्राम प्रोटीन और लगभग 15 ग्राम फाइबर हो सकता है। वहीं 100 ग्राम मखाने में आम तौर पर 350 से 360 कैलोरी और करीब 9 से 10 ग्राम प्रोटीन बताया जाता है। अलग किस्म, ब्रांड और तैयारी के अनुसार इसके पोषण मूल्यों में अंतर हो सकता है।
यहां ध्यान रखने वाली बात यह है कि पॉपकॉर्न बहुत हल्का होता है। इसलिए तीन कप की सामान्य सर्विंग का वजन केवल करीब 24 से 28 ग्राम होता है। मखाना भी हल्का होता है, लेकिन लोग उसे घी, तेल और मसाले में भूनकर ज्यादा मात्रा में खा लेते हैं। इससे कम कैलोरी वाला माना जाने वाला स्नैक भी दैनिक कैलोरी सेवन बढ़ा सकता है।
वेट लॉस के लिए एयर-पॉप्ड पॉपकॉर्न को थोड़ा बेहतर विकल्प माना जा सकता है, क्योंकि इसमें फाइबर अधिक होता है और कम कैलोरी में कटोरा भर मात्रा मिल जाती है। यह देर तक तृप्त रखने और चिप्स, नमकीन या तले हुए खाद्य पदार्थों की इच्छा कम करने में मदद कर सकता है। लेकिन इसका फायदा तभी मिलेगा, जब उसमें मक्खन, कैरेमल, चीज, ज्यादा तेल या नमक न मिलाया गया हो।
बाजार में मिलने वाला पैकेटबंद और माइक्रोवेव पॉपकॉर्न हमेशा वेट लॉस के अनुकूल नहीं होता। इनमें नमक, संतृप्त वसा, कृत्रिम फ्लेवर और अतिरिक्त कैलोरी हो सकती हैं। सिनेमाघरों में मिलने वाले पॉपकॉर्न की बड़ी सर्विंग में मक्खन या तेल के कारण कैलोरी बहुत अधिक हो सकती है। इसलिए घर पर एयर-पॉप्ड या बहुत कम तेल में तैयार पॉपकॉर्न बेहतर रहेगा।
मखाना भी खराब विकल्प नहीं है। इसे सूखा भूनकर या बहुत कम घी के साथ सीमित मात्रा में खाया जाए तो यह पौष्टिक स्नैक बन सकता है। लगभग 25 से 30 ग्राम मखाना एक सामान्य सर्विंग मानी जा सकती है। इसमें हल्दी, काली मिर्च या दूसरे मसाले मिलाकर स्वाद बढ़ाया जा सकता है, लेकिन नमक और घी की मात्रा नियंत्रित रखनी चाहिए।
मखाना किडनी को ठीक करने, लिवर डिटॉक्स करने या डायबिटीज का इलाज करने वाला खाद्य पदार्थ नहीं है। इससे जुड़े कई दावे सीमित शोध पर आधारित हैं। किडनी रोग, डायबिटीज या उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही मात्रा तय करनी चाहिए।
कुल मिलाकर वेट लॉस के लिए सादा एयर-पॉप्ड पॉपकॉर्न अपनी अधिक फाइबर मात्रा और कम ऊर्जा घनत्व के कारण थोड़ी बढ़त रखता है। वहीं मखाना विविधता और कम फैट वाला अच्छा विकल्प है। किसी एक खाद्य पदार्थ से वजन कम नहीं होता। कुल कैलोरी, संतुलित भोजन, पर्याप्त प्रोटीन, नियमित व्यायाम और नियंत्रित पोर्शन ही स्थायी वेट लॉस का आधार हैं।
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