अध्ययनों से पता चलता है कि 10 में से सात महिलाएं फेक ऑर्गेज्‍म का दावा करती हैं और उन्‍होंने इसके पीछे जो कारण बताएं वह चौंकाने वाले थे. कनाडा की दो यूनिवर्सिटी रायर्सन की एमिली थॉमस और सेंट थॉमस की मोनिका स्‍टेल्‍जल और मिशेल लाफ्रेंस की रिसर्च में ये बात सामने आई कि महिलाओं को मन मारकर अपने पार्टनर से यह कहना होता है कि उन्‍हें सेक्‍स कर के बहुत मजा आया.

एमिली थॉमस (रायर्सन यूनिवर्सिटी, कनाडा) मोनिका स्टेल्ज़ल, मिशेल लाफ्रेंस (सेंट थॉमस यूनिवर्सिटी, कनाडा) द्वारा किए गए रिसर्च को साल 2016 में मनोविज्ञान के वार्षिक सम्मेलन में ब्रिटिश साइकोलॉजिकल सोसाइटी में पेश किया गया था.

रिपोर्ट के मु‍ताबिक महिलाएं झूठे ऑर्गेज़्म का दावा अपने पार्टनर से करती हैं. और उनमें से बहुत कम ने ही असली ऑर्गेज़्म को महसूस किया था. वहीं वाटरलू विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि रिसर्च में शामिल बहुत सी महिलाओं ने सेक्‍स पर झूठे मजे की बात की थी

अध्ययन में 15 महिलाओं (19-28 वर्ष की आयु) को शामिल किया गया था जो कम से कम एक साल से सेक्‍सुअली एक्टिव थीं. उन्‍होंने बताया कि वह अपने पार्टनर से अधिकतर सेक्‍सुअल सेटिस्‍फाइड होने का झूठा दावा करती हैं. हालांकि उन्‍होंने पार्टनर के साथ सेक्‍स के लिए राजमंदी जाहिर की थी और ये उनके लिए जबरदस्‍ती नहीं था लेकिन उन्‍हें मजा नहीं आया.

महिलाओं का कहना था कि वह सेक्‍स को जल्‍दी खत्‍म करने के लिए झूठे ऑर्गेज्‍म का दवा करती हैं.

कुछ महिलाओं का कहना था कि उन्‍हें बिना तैयार किए ही उनका पार्टनर सेक्‍स के लिए उतावला रहता है.

कुछ महिलाओं का दावा था कि फेक ऑर्गेज्‍म का दावा इसलिए करती हैं ताकि उनका पार्टनर कहीं और न जाएं.

सेक्‍स में मजा न आने का सबसे बड़ा कारण महिलाओं ने ये भी बताया कि उनका दिमाग कई और कामों को करने में था. वह सेक्‍स के दौरान अपने कामों को लेकर चिंतित थीं.

कुछ ने कहा, सेक्‍स करने से पहले उनके पार्टनर ने कोई माहौल नहीं बनाया, न ही फोर प्‍ले किया. इससे उन्‍हें सेक्‍स में मजा नहीं आता.

जानिए क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट

एक्‍सपर्ट का कहना है कि सेक्‍स मन और तन दोनों के तालमेल से होता है. टेस्‍टेस्‍टोरॉन हार्मोन भी तभी महिलाओं में एक्टिवेट होता है जब वह सेक्‍स के लिए मन से तैयार हों और तभी वह ऑर्गेज़्म भी पा सकती हैं

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