Lifestyle लाइफस्टाइल : भारतीय खाने में अचार का अपना अलग ही महत्व है। खासकर राजस्थान का पारंपरिक अचार अपने तीखे स्वाद, खुशबूदार मसालों और लंबे समय तक टिकने के लिए देशभर में मशहूर है। राजस्थानी थाली में अगर चटपटा मिर्च का अचार शामिल हो जाए तो साधारण खाना भी बेहद स्वादिष्ट लगने लगता है। अब बदलती जीवनशैली और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लोग कम तेल या बिना तेल वाले अचार को पसंद करने लगे हैं। ऐसे में राजस्थान की पारंपरिक शैली से प्रेरित बिना तेल वाला मिर्च का अचार स्वाद और सेहत दोनों के लिहाज से बेहतर विकल्प माना जा रहा है।

बिना तेल के मिर्च का अचार बनाना काफी आसान है। इसमें खास मसालों का इस्तेमाल किया जाता है, जो अचार को स्वादिष्ट बनाने के साथ-साथ लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। इस अचार की खासियत यह है कि इसमें तेल की जरूरत नहीं पड़ती, फिर भी इसका स्वाद पारंपरिक अचार जैसा ही तीखा और खट्टा रहता है।

बिना तेल वाले मिर्च अचार के लिए सामग्री

इस खास अचार को बनाने के लिए ताजी हरी मिर्च, नमक, हल्दी, राई, सौंफ, मेथी दाना, कलौंजी, हींग और नींबू की जरूरत होती है। कुछ लोग स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा सा अमचूर पाउडर या सिरका भी मिला सकते हैं। मसालों का सही संतुलन ही इस अचार को खास बनाता है।

बनाने की आसान विधि

सबसे पहले हरी मिर्च को अच्छी तरह धोकर साफ कपड़े से सुखा लें। ध्यान रखें कि मिर्च में पानी की नमी बिल्कुल नहीं रहनी चाहिए, क्योंकि नमी से अचार जल्दी खराब हो सकता है। इसके बाद मिर्च को बीच से हल्का काट लें या छोटे टुकड़ों में काट लें।

अब एक बर्तन में राई, सौंफ और मेथी दाने को हल्का भूनकर दरदरा पीस लें। इसमें नमक, हल्दी, हींग और अन्य मसाले मिलाकर अचार का मसाला तैयार करें। इसके बाद कटे हुए मिर्च के टुकड़ों में यह मसाला अच्छी तरह मिला दें।

अब इसमें ताजा नींबू का रस डालें और सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं। नींबू का रस अचार में खट्टापन लाने के साथ-साथ उसे सुरक्षित रखने में भी मदद करता है। तैयार अचार को साफ और सूखे कांच के जार में भरकर रख दें।

स्वाद बढ़ाने का राजस्थानी सीक्रेट

राजस्थानी अचार का स्वाद सिर्फ मिर्च और नमक से नहीं आता, बल्कि इसमें डाले जाने वाले मसालों का सही अनुपात सबसे महत्वपूर्ण होता है। सौंफ अचार में हल्की मिठास और खुशबू देती है, जबकि मेथी और राई इसे पारंपरिक तीखापन प्रदान करते हैं।

कुछ घरों में इस अचार को धूप में कुछ समय रखने की परंपरा भी है। धूप मिलने से मसाले मिर्च के अंदर अच्छी तरह घुल जाते हैं और स्वाद और ज्यादा निखर जाता है।

सेहत के लिए क्यों बेहतर है बिना तेल वाला अचार?

ज्यादा तेल वाले अचार का सेवन कई लोगों को भारी लग सकता है। खासकर जिन लोगों को तेल से परहेज करना पड़ता है, उनके लिए बिना तेल वाला अचार बेहतर विकल्प हो सकता है। इसमें तेल की मात्रा नहीं होने के कारण यह हल्का रहता है और भोजन के साथ आसानी से खाया जा सकता है।

हालांकि अचार में नमक की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इसे भी सीमित मात्रा में खाना बेहतर माना जाता है।

कितने दिनों तक सुरक्षित रहेगा?

अगर अचार बनाते समय साफ-सफाई का ध्यान रखा जाए और जार पूरी तरह सूखा हो तो यह कई दिनों तक सुरक्षित रह सकता है। अचार निकालने के लिए हमेशा साफ और सूखे चम्मच का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे अचार लंबे समय तक खराब नहीं होता।

खाने का स्वाद बढ़ाएगा यह अचार

बिना तेल वाला राजस्थानी मिर्च अचार रोटी, पराठे, दाल-चावल और खिचड़ी के साथ बेहद स्वादिष्ट लगता है। इसकी तीखी और खट्टी खुशबू खाने का स्वाद कई गुना बढ़ा देती है।

आज के समय में जहां लोग स्वाद के साथ सेहत का भी ध्यान रखते हैं, वहां ऐसे पारंपरिक व्यंजन फिर से लोकप्रिय हो रहे हैं। राजस्थान का यह बिना तेल वाला मिर्च अचार भी इसी वजह से लोगों की पसंद बनता जा रहा है।

कुल मिलाकर, अगर आप घर पर कम मेहनत में स्वादिष्ट और हेल्दी अचार बनाना चाहते हैं तो राजस्थानी अंदाज का बिना तेल वाला मिर्च अचार जरूर ट्राई कर सकते हैं। कम सामग्री और आसान तरीके से तैयार होने वाला यह अचार खाने की थाली को खास बना देगा।

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