Back pain से राहत के लिए करें यह असरदार योगासन

Update: 2026-07-18 11:27 GMT

New Delhi नई दिल्ली :  बदलती जीवनशैली और लगातार बढ़ते शारीरिक व मानसिक दबाव के कारण आज बड़ी संख्या में लोग पीठ दर्द, कंधों में जकड़न, तनाव और मांसपेशियों की कमजोरी जैसी समस्याओं से परेशान हैं। लंबे समय तक बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधियों की कमी और अनियमित दिनचर्या इन समस्याओं को बढ़ा रही है। ऐसे में योग को शरीर और मन को स्वस्थ रखने का प्रभावी माध्यम माना जा रहा है। इन्हीं योगासनों में से एक है आकर्ण धनुरासन, जो शरीर में लचीलापन, संतुलन और शक्ति बढ़ाने में मदद करता है।

आकर्ण धनुरासन संस्कृत के तीन शब्दों से मिलकर बना है। इसमें ‘आ’ का अर्थ तक, ‘कर्ण’ का अर्थ कान और ‘धनुष’ का अर्थ कमान होता है। इस आसन का शाब्दिक अर्थ है ‘कान तक धनुष को खींचना’। इस मुद्रा में शरीर धनुष के आकार में दिखाई देता है, जिससे इसका नाम आकर्ण धनुरासन रखा गया है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह योगासन शरीर में शक्ति, संतुलन और लचीलेपन को बढ़ाने वाला प्रभावी अभ्यास है। नियमित रूप से इसका अभ्यास करने से रीढ़ की हड्डी, पीठ, कंधों और पैरों की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। यह आसन विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है, जो लंबे समय तक बैठने के कारण पीठ और कंधों में दर्द या जकड़न महसूस करते हैं।

योग विशेषज्ञों के अनुसार, आकर्ण धनुरासन के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बना रहता है। इससे पीठ की मांसपेशियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और कमर दर्द जैसी परेशानियों में राहत मिल सकती है। इसके अलावा यह आसन कंधों और छाती की मांसपेशियों को मजबूत करने में भी सहायक माना जाता है।

इस योगासन का प्रभाव शरीर के निचले हिस्से पर भी पड़ता है। इसके अभ्यास से जांघों, पैरों और कूल्हों की मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जिससे उनकी कार्यक्षमता बेहतर होती है। यह शरीर के संतुलन को बढ़ाने के साथ-साथ एकाग्रता में भी सुधार करता है। नियमित अभ्यास करने वाले लोगों में मानसिक स्थिरता और आत्मविश्वास बढ़ने में मदद मिल सकती है।

आकर्ण धनुरासन पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। योग विशेषज्ञों के अनुसार, इस मुद्रा के दौरान पेट के अंगों पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे पाचन क्रिया बेहतर हो सकती है। इसके नियमित अभ्यास से कब्ज जैसी समस्याओं में भी राहत मिलने की संभावना रहती है।

हालांकि, इस योगासन को करते समय कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआत करने वाले लोगों को यह आसन किसी प्रशिक्षित योग गुरु की निगरानी में ही करना चाहिए। शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव डालकर आसन करने से चोट लगने का खतरा हो सकता है।

जिन लोगों को रीढ़ की हड्डी, गर्दन या कमर से जुड़ी गंभीर समस्या है, उन्हें आकर्ण धनुरासन करने से पहले विशेषज्ञ या चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा अभ्यास के दौरान शरीर की क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है और किसी भी तरह के दर्द या असहजता महसूस होने पर आसन रोक देना चाहिए।

योग विशेषज्ञों के मुताबिक, आकर्ण धनुरासन केवल शारीरिक मजबूती ही नहीं देता, बल्कि शरीर और मन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में भी मदद करता है। नियमित और सही तरीके से किया गया यह योगाभ्यास आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी कई परेशानियों को कम करने में सहायक साबित हो सकता है।

Tags:    

Similar News