Pavanmuktasana: जानें पवनमुक्तासन के विधि और फायदे

Update: 2025-06-04 01:34 GMT
Pavanmuktasana: पवनमुक्तासन के अभ्यास के अनेकों स्वास्थ्य लाभ हैं। इसका अभ्यास सुबह खाली पेट करने से सबसे अधिक फायदा मिलता है। पेट संबंधी परेशानियों या पेट की चर्बी से परेशान लोगों के लिए इसका नियमित अभ्यास लाभदायक होता है। कुछ ही हफ्तों में पवनमुक्तासन अपना असर दिखा सकता है। आइए जानते हैं पवनमुक्तासन के अभ्यास के स्वास्थ्य लाभ और इस मुद्रा की विधि व सावधानियां।
कैसे करें पवनमुक्तासन का अभ्यास :
स्टेप 1- जमीन पर पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों को सीधा रखें और हाथ शरीर के बगल में रखें।
स्टेप 2- अब दाएं पैर को घुटने से मोड़ें और दोनों हाथों से जांघ के पास पकड़कर पेट की ओर खींचें।
स्टेप 3- फिर सिर उठाकर ठोड़ी को घुटनों से मिलाएं।
स्टेप 4- कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रुकें और फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएं।
स्टेप 5- यही प्रक्रिया बाएं पैर से दोहराएं। फिर दोनों पैरों से एक साथ करें।
स्टेप 6- इस आसन को तीन से पांच बार दोहराएं।
पेट के लिए फायदेमंद है पवनमुक्तासन :
पवनमुक्तासन के फायदे:
पवनमुक्तासन के नियमित अभ्यास से गैस, अपच और कब्ज की समस्या में राहत मिलती है।
जो लोग पेट की चर्बी से परेशान हैं, उन्हें रोज सुबह पवनमुक्तासन का अभ्यास करना चाहिए। इससे अतिरिक्त वसा घटती है।
पाचन तंत्र को सक्रिय बनाने और मेटाबाॅलिज्म को मजबूत करने में यह आसन बहुत लाभकारी माना जाता है।
पवनमुक्तासन के नियमित अभ्यास से पीठ और कमर के दर्द से छुटकारा मिलता है।
इस आसन को जीवनशैली में शामिल करने से महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान राहत मिलती है।
पवनमुक्तासन के दौरान सावधानियां:
अगर आप पेट या पीठ की किसी गंभीर समस्या से पीड़ित हैं तो पवनमुक्तासन का अभ्यास डॉक्टर की सलाह से ही करें।
जिन लोगों की हाल ही में पेट की सर्जरी हुई हो, वह यह आसन न करें।
गर्भवती महिलाओं को पवनमुक्तासन के अभ्यास से परहेज करना चाहिए।
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