लाइफ स्टाइल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 75 वर्ष की उम्र में भी लगातार सक्रिय नजर आते हैं। लंबे कामकाजी घंटों और व्यस्त कार्यक्रमों के बावजूद उनकी दिनचर्या में फिटनेस और अनुशासन को खास महत्व दिया जाता है। प्रधानमंत्री कई मौकों पर अपनी फिटनेस, योग, खान-पान और दिनचर्या से जुड़ी आदतों के बारे में जानकारी साझा कर चुके हैं। उनकी फिटनेस का आधार किसी भारी-भरकम जिम रूटीन के बजाय नियमित योग, प्राणायाम, ध्यान, पैदल चलना और नियंत्रित खान-पान बताया जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी के फिटनेस रूटीन में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। वह लंबे समय से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बताते रहे हैं। सुबह योग और प्राणायाम के साथ ध्यान करना उनकी नियमित गतिविधियों में शामिल है। इसके अलावा वह सूर्य नमस्कार भी करते हैं। उनका मानना रहा है कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे मानसिक एकाग्रता और दिनभर सक्रिय रहने में भी मदद मिल सकती है।
प्रधानमंत्री की दिनचर्या में प्रकृति के साथ जुड़ी गतिविधियां भी शामिल हैं। वह पंचतत्व वॉक का अभ्यास करते हैं। यह वॉक प्रकृति के पांच तत्वों पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश की अवधारणा से प्रेरित है। उनके आवास के बगीचे में इस तरह की व्यवस्था की गई है, जहां वह सुबह टहलते हैं। बताया जाता है कि इस दौरान वह घास पर नंगे पैर चलते हैं और इसके बाद पानी में चलने जैसी गतिविधि भी करते हैं। सुबह की धूप और ताजी हवा लेने के साथ स्ट्रेचिंग को भी इस रूटीन का हिस्सा बताया गया है।
फिटनेस के साथ प्रधानमंत्री अपने खान-पान को लेकर भी काफी अनुशासित रहते हैं। साल 2025 में पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ बातचीत में पीएम मोदी ने उपवास से जुड़ी अपनी आदत के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था कि वह लंबे समय से उपवास करते रहे हैं और इसे शरीर को सक्रिय बनाए रखने से जोड़कर देखते हैं। उन्होंने यह भी बताया था कि एक निश्चित अवधि में वह 24 घंटे में सिर्फ एक बार भोजन करते हैं। उनके मुताबिक यह आदत उन्होंने 50 से 55 वर्ष की उम्र के आसपास अपनानी शुरू की थी।
पीएम मोदी की दिनचर्या में भोजन के समय को लेकर भी अनुशासन बताया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह शाम के बाद भोजन नहीं करने की कोशिश करते हैं। उनका मानना है कि समय पर भोजन करना और खान-पान को नियंत्रित रखना दिनचर्या को व्यवस्थित रखने में मदद करता है। हालांकि, हर व्यक्ति की डाइट और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें अलग होती हैं, इसलिए किसी व्यक्ति की खान-पान की आदत को बिना विशेषज्ञ की सलाह के सीधे अपनाना उचित नहीं है।
नींद को लेकर भी प्रधानमंत्री की दिनचर्या आम लोगों से काफी अलग बताई जाती है। विभिन्न बातचीत में पीएम मोदी ने कम समय सोने की अपनी आदत का उल्लेख किया है। उनके अनुसार वह कई बार लगभग साढ़े तीन घंटे ही सो पाते हैं और सुबह जल्दी उठकर अपने काम में लग जाते हैं। हालांकि, विशेषज्ञ सामान्य तौर पर पर्याप्त नींद लेने की सलाह देते हैं और नींद की जरूरत उम्र, स्वास्थ्य और व्यक्ति की दिनचर्या के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
पीएम मोदी की फिटनेस दिनचर्या में सबसे महत्वपूर्ण बात नियमितता और अनुशासन है। उनका रूटीन केवल व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि योग, ध्यान, पैदल चलना, नियंत्रित खान-पान और समय प्रबंधन जैसे कई पहलुओं को जोड़ता है। यही वजह है कि उनकी फिटनेस दिनचर्या अक्सर चर्चा में रहती है।
हालांकि, प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत दिनचर्या को हर व्यक्ति के लिए फिटनेस का मानक नहीं माना जाना चाहिए। खासकर लंबे समय तक उपवास, कम नींद या भोजन के समय में बदलाव जैसी चीजें व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग प्रभाव डाल सकती हैं। फिटनेस के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और जरूरत के अनुसार विशेषज्ञ की सलाह अधिक महत्वपूर्ण है।
कुल मिलाकर, पीएम मोदी की बताई गई फिटनेस आदतों में योग, प्राणायाम, ध्यान, सूर्य नमस्कार, पैदल चलना और खान-पान में अनुशासन प्रमुख हैं। 75 वर्ष की उम्र में भी उनकी सक्रिय जीवनशैली का सबसे बड़ा संदेश नियमितता और अनुशासन को लेकर है। हालांकि, किसी भी फिटनेस रूटीन को अपनाने से पहले अपनी उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
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