Lifestyle लाइफस्टाइल : भारत के त्योहारों की खासियत ही यही है कि हर पर्व अपने साथ परंपरा, संस्कृति और स्वादिष्ट व्यंजनों की सौगात लेकर आता है। ऐसा ही एक प्रमुख त्योहार है ओणम, जिसे खासतौर पर केरल में बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। ओणम सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाला पर्व नहीं है, बल्कि इस मौके पर बनने वाले पारंपरिक भोजन भी इसकी पहचान हैं।

ओणम के दौरान घरों में विशेष तरह की दावत सजाई जाती है, जिसे ओणम साध्या (Onam Sadya) कहा जाता है। केले के पत्ते पर परोसी जाने वाली इस दावत में कई तरह के व्यंजन शामिल होते हैं। इनमें अवियल, सांभर, थोरन, ओलन, अचार, पापड़ और खास तौर पर बनने वाली मिठाई पायसम शामिल होती है। अगर आप भी इस ओणम पर केरल के पारंपरिक स्वाद का आनंद लेना चाहते हैं तो ये तीन खास पकवान जरूर बना सकते हैं।

1. अवियल: सब्जियों और नारियल का खास स्वाद

ओणम साध्या का सबसे लोकप्रिय व्यंजन अवियल माना जाता है। यह केरल की पारंपरिक डिश है, जिसमें कई तरह की सब्जियों को नारियल और मसालों के साथ पकाया जाता है। स्वाद के साथ-साथ यह सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है।

अवियल बनाने के लिए सामग्री:

गाजर, बींस, कच्चा केला, सहजन, लौकी जैसी सब्जियां

नारियल का पेस्ट

दही

हरी मिर्च

करी पत्ता

नारियल तेल

हल्दी और नमक

बनाने का तरीका:

सबसे पहले सभी सब्जियों को लंबे टुकड़ों में काट लें। इन्हें हल्दी और नमक के साथ हल्का उबाल लें। इसके बाद नारियल, हरी मिर्च और थोड़े पानी से तैयार पेस्ट को सब्जियों में मिलाएं। जब सब्जियां अच्छी तरह पक जाएं तो इसमें दही डालें और धीमी आंच पर पकाएं। आखिर में करी पत्ता और नारियल तेल का तड़का लगाकर इसे तैयार करें।

अवियल का स्वाद चावल के साथ बेहद अच्छा लगता है और यह ओणम की दावत को खास बना देता है।

2. पायसम: ओणम की मीठी पहचान

ओणम के त्योहार में पायसम का विशेष महत्व होता है। यह एक पारंपरिक केरल मिठाई है, जिसे दूध, चावल, गुड़ और ड्राई फ्रूट्स से बनाया जाता है। अलग-अलग जगहों पर पायसम बनाने के तरीके थोड़े अलग हो सकते हैं, लेकिन इसका स्वाद हमेशा खास होता है।

पायसम बनाने के लिए सामग्री:

चावल या सेवई

दूध

गुड़

इलायची

काजू और किशमिश

घी

बनाने का तरीका:

सबसे पहले चावल को अच्छी तरह धोकर पकाएं। एक बर्तन में दूध गर्म करें और उसमें पके हुए चावल डालकर धीमी आंच पर पकाएं। जब मिश्रण गाढ़ा होने लगे तो इसमें गुड़ मिलाएं। इसके बाद इलायची, घी में भुने काजू और किशमिश डालकर सजाएं।

पायसम की मिठास ओणम के जश्न को और भी खास बना देती है। इसे भोजन के अंत में परोसा जाता है।

3. सांभर: साध्या का जरूरी हिस्सा

केरल स्टाइल सांभर भी ओणम के खास भोजन का अहम हिस्सा है। यह सामान्य सांभर से थोड़ा अलग होता है और इसमें सब्जियों के साथ खास मसालों का इस्तेमाल किया जाता है।

सांभर बनाने के लिए सामग्री:

अरहर दाल

लौकी, गाजर, सहजन जैसी सब्जियां

इमली का पानी

सांभर मसाला

राई

करी पत्ता

सूखी लाल मिर्च

बनाने का तरीका:

सबसे पहले दाल को अच्छी तरह पका लें। सब्जियों को अलग से उबाल लें। फिर दाल और सब्जियों को मिलाकर इसमें इमली का पानी और सांभर मसाला डालें। इसके बाद राई, करी पत्ता और लाल मिर्च का तड़का लगाएं। तैयार सांभर को चावल के साथ परोसा जाता है।

ओणम पर क्यों खास है साध्या?

ओणम साध्या सिर्फ खाना नहीं बल्कि केरल की संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। इसमें कई तरह के व्यंजन एक साथ परोसे जाते हैं, जो प्रकृति, मौसम और स्थानीय खान-पान की झलक दिखाते हैं। परिवार के सभी सदस्य मिलकर इस खास भोजन का आनंद लेते हैं।

ओणम के मौके पर बनाए जाने वाले ये पारंपरिक व्यंजन स्वाद के साथ-साथ त्योहार की खुशियों को भी बढ़ाते हैं। अगर आप इस बार घर पर ओणम मनाने की तैयारी कर रहे हैं तो अवियल, पायसम और सांभर जैसी केरल की लोकप्रिय डिश बनाकर इस पर्व को खास बना सकते हैं।

इन पकवानों की खास बात यह है कि इन्हें बनाने में ज्यादा मुश्किल नहीं होती और इनका स्वाद हर उम्र के लोगों को पसंद आता है। पारंपरिक स्वाद और त्योहार की मिठास के साथ ओणम का जश्न और भी यादगार बनाया जा सकता है।

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