Life Style लाइफ स्टाइल : पितृ पक्ष के दिनों में घरों में श्रद्धा और सात्विकता का विशेष ध्यान रखा जाता है। मान्यता है कि इस दौरान पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है। पितृ पक्ष के अंतिम दिन पितृ विसर्जन या सर्वपितृ अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन बहुत से लोग अपने पितरों के निमित्त भोजन बनाते हैं, ब्राह्मणों को भोजन कराते हैं और जरूरतमंदों को दान देते हैं। श्राद्ध के भोजन में सामान्य दिनों की तुलना में कई चीजों से परहेज किया जाता है। खासतौर पर लहसुन और प्याज का इस्तेमाल नहीं किया जाता और सात्विक भोजन को प्राथमिकता दी जाती है।
ऐसे में सबसे बड़ी परेशानी यह होती है कि घर के बाकी सदस्यों के लिए ऐसा क्या बनाया जाए जो सात्विक भी हो और खाने में स्वादिष्ट भी लगे। अगर आप भी यही सोच रहे हैं तो आलू और सोयाबीन की बिना लहसुन-प्याज वाली सब्जी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता और सामान्य मसालों के साथ इसे स्वादिष्ट बनाया जा सकता है।
आलू-सोयाबीन की सब्जी के लिए सामग्री
इस सब्जी को बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ेगी। करीब चार लोगों के लिए 3 से 4 मध्यम आकार के आलू, 1 कप सोयाबीन की बड़ी, 2 टमाटर, 1 से 2 हरी मिर्च, थोड़ा सा अदरक, आधा चम्मच जीरा, एक चुटकी हींग, आधा चम्मच हल्दी, एक चम्मच धनिया पाउडर, स्वादानुसार सेंधा या साधारण नमक और थोड़ा सा घी या तेल ले सकते हैं। स्वाद बढ़ाने के लिए हरा धनिया भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
ऐसे तैयार करें सोयाबीन
सबसे पहले सोयाबीन की बड़ी को गर्म पानी में 10 से 15 मिनट के लिए भिगो दें। जब सोयाबीन अच्छी तरह नरम हो जाए तो इसे पानी से निकाल लें और हल्के हाथ से दबाकर अतिरिक्त पानी निकाल दें। ध्यान रखें कि सोयाबीन को ज्यादा जोर से न दबाएं, वरना वह टूट सकती है।
अब आलू को छीलकर मध्यम आकार के टुकड़ों में काट लें। टमाटर को भी बारीक काट लें या फिर उसकी प्यूरी तैयार कर सकते हैं। हरी मिर्च और अदरक को बारीक काट लें।
ऐसे बनाएं बिना लहसुन-प्याज की सब्जी
सबसे पहले कड़ाही या प्रेशर कुकर को गैस पर रखें। इसमें थोड़ा सा घी या तेल डालें। तेल गर्म होने पर जीरा डालें और उसके बाद एक चुटकी हींग डालें। अब इसमें कटा हुआ अदरक और हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड तक भूनें।
इसके बाद टमाटर डाल दें। टमाटर को हल्का नरम होने तक पकाएं। अब इसमें हल्दी और धनिया पाउडर डालें। मसालों को धीमी आंच पर तब तक भूनें जब तक टमाटर अच्छी तरह गल न जाए।
अब कटे हुए आलू डालकर मसालों के साथ 2 से 3 मिनट तक भूनें। इसके बाद भीगी और निचोड़ी हुई सोयाबीन डाल दें। आलू और सोयाबीन को मसालों के साथ अच्छी तरह मिलाएं।
अगर आप सूखी सब्जी बनाना चाहते हैं तो थोड़ा सा पानी डालकर ढककर पकाएं। वहीं अगर रसेदार सब्जी पसंद है तो जरूरत के अनुसार डेढ़ से दो कप पानी डाल सकते हैं। नमक डालकर सब्जी को मध्यम आंच पर पकने दें।
प्रेशर कुकर में बना रहे हैं तो 1 से 2 सीटी पर्याप्त हो सकती हैं। कड़ाही में बना रहे हैं तो आलू गलने तक बीच-बीच में सब्जी को चलाते रहें। आलू अच्छी तरह पक जाएं तो गैस बंद कर दें और ऊपर से हरा धनिया डालें।
स्वाद बढ़ाने के लिए अपनाएं ये तरीका
बिना लहसुन और प्याज के खाना बनाते समय लोग अक्सर सोचते हैं कि सब्जी फीकी लगेगी, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। जीरा, हींग, अदरक, हरी मिर्च और टमाटर का सही संतुलन सब्जी का स्वाद काफी बढ़ा सकता है। आप चाहें तो थोड़ा सा भुना जीरा पाउडर भी डाल सकते हैं।
सोयाबीन मसालों का स्वाद जल्दी सोख लेती है, इसलिए इसे मसालों के साथ अच्छी तरह भूनना जरूरी है। वहीं आलू सब्जी को गाढ़ापन देने में मदद करते हैं। इससे साधारण मसालों में भी सब्जी काफी स्वादिष्ट बन जाती है।
पूरी या रोटी के साथ करें सर्व
आलू-सोयाबीन की यह सात्विक सब्जी पूरी, रोटी या पराठे के साथ खाई जा सकती है। अगर श्राद्ध के भोजन के लिए बना रहे हैं तो अपने परिवार की परंपराओं और मान्यताओं के अनुसार सामग्री का चुनाव करें। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में श्राद्ध के भोजन से जुड़े नियम अलग हो सकते हैं।
पितृ पक्ष के दौरान सात्विक भोजन बनाते समय बहुत ज्यादा मसालों और तामसिक सामग्री से परहेज किया जाता है। ऐसे में यह आसान आलू-सोयाबीन की सब्जी कम सामग्री और कम समय में तैयार होने वाला विकल्प है। इसका स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आ सकता है।