Lifestyle: बच्‍चे अपने आस-पास के माहौल से कई चीजें सीखते हैं. ऐसे में वे कई गलत Habitsको भी सीख लेते हैं जिन्‍हें सुधारना आसान काम नहीं होता. बात-बात पर लड़ना, लोगों को गंदी बातें बोलना या गाली-गलौज करना, ऐसी ही आदतें हैं जिसे संयम तरीके से ही सुधारा जा सकता है. अगर आप जोर-जबरदस्‍ती करेंगे या मारपीट करेंगे तो बच्‍चे और जिद्दी हो सकते हैं और हो सकता है कि वे आपके सामने ऐसी बातें न बोलें, लेकिन बाहर जाकर वे ऐसे शब्‍दों का इस्‍तेमाल बेफिक्र होकर कर सकते हैं. ऐसे में अगर कभी बच्चे के मुंह से गाली निकल जाए तो माता-पिता को समझदारी और संयम से काम लेना जरूरी है. तुरंत गुस्सा या नाराजगी दिखाने से स्थिति और बिगड़ सकती है. इसके बजाय, आप कुछ सिंपल तरीकों से बच्चे को सही और गलत का अंतर सिखा सकते हैं.
बच्‍चों को बुरी बातें बोलने से कैसे रोकें- शांत रहें:- बच्चे के गाली देने पर नाराज होने की बजाय, बेहतर होगा कि आप कुछ देर शांत रहें और उसे बहुत ही शांत तरीके से समझाएं कि इस तरह के शब्दों का उपयोग आखिर क्यों गलत है
बड़ाई करें:-जब भी बच्चा अच्‍छी भाषा का इस्‍तेमाल करे तो उसकी प्रशंसा जरूर करें. जब बच्‍चों को अच्‍छा व्‍यवहार करने पर बड़ाई मिलेगी तो उनका उत्‍साह बढ़ेगा और वे हर वक्‍त सही भाषा का इस्तेमाल करेंगे.
उदाहरण पेश करें:- बच्‍चों के सामने हमेशा अच्‍छी भाषा के इस्‍तेमाल का उदाहरण पेश करें. आप खुद भी ऐसे शब्दों से बचें और बच्चों के सामने तो बिल्‍कुल भी बुरी भाषा का इस्‍तेमाल न करें. बच्चे अक्सर अपने माता-पिता को देखकर अच्‍छी और बुरी चीजें सीखते हैं.
अच्‍छे शब्‍दों के फायदे बताएं:- अपने बच्चे से हमेशा प्यार और समझदारी से बात करें तो यह हर तरह से उनके लिए अच्‍छा होगा. बच्‍चे को हमेशा बताएं कि कौन से शब्द अच्छे हैं और अच्‍छी भाषा बोलने के क्‍या-क्‍या फायदे होते हैं.
नियम बनाएं:- घर पर यह स्‍पष्‍ट नियम बनाएं कि गाली देना गलत है और इसके Resultक्या हो सकते हैं. इस तरह वे जब भी बोलने की सोचेंगे तो उनके मन में यह क्‍लीयर रहेगा कि यह गलत बात है.

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