महाराष्ट्र के सतारा जिले में स्थित कास पठार (Kaas Plateau) जिसे "महाराष्ट्र की फूलों की घाटी" भी कहा जाता है, एक बार फिर पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। रिपोर्ट्स और कास पठार समिति की जानकारी के अनुसार, 2026 का फूलों का मौसम करीब 1 सितंबर से शुरू होने की संभावना है।
यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कास पठार मानसून के बाद खिलने वाले हजारों रंग-बिरंगे फूलों के लिए प्रसिद्ध है। सितंबर और अक्टूबर के दौरान यहां का पूरा इलाका प्राकृतिक फूलों की चादर से ढक जाता है।
कास पठार कहां स्थित है?
कास पठार महाराष्ट्र के सतारा जिले में सह्याद्रि पर्वतमाला में स्थित है। यह सतारा शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर है। वर्ष 2012 में इसे पश्चिमी घाट की जैव विविधता के कारण UNESCO विश्व प्राकृतिक धरोहर स्थल में शामिल किया गया था।
यहां कई दुर्लभ फूलों की प्रजातियां, ऑर्किड और औषधीय पौधे देखने को मिलते हैं।
कास पठार जाने के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
कास पठार जाने के लिए पर्यटकों को पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होता है। इसका उद्देश्य पर्यटकों की संख्या नियंत्रित करना और इस संवेदनशील प्राकृतिक क्षेत्र को सुरक्षित रखना है।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया:
कास पठार समिति की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
ऑनलाइन बुकिंग विकल्प चुनें।
अपनी यात्रा की तारीख और समय स्लॉट चुनें।
पर्यटकों की जानकारी भरें।
ऑनलाइन शुल्क जमा कर टिकट प्राप्त करें।
आधिकारिक वेबसाइट: Kas Plateau Committee Website
कास पठार के विजिटर टाइम
कास पठार में भीड़ नियंत्रित करने के लिए रोजाना सीमित संख्या में पर्यटकों को प्रवेश दिया जाता है। एक दिन में करीब 3000 पर्यटकों को अनुमति दी जाती है।
समय स्लॉट:
सुबह 7 बजे से 11 बजे तक – 1000 पर्यटक
11 बजे से दोपहर 3 बजे तक – 1000 पर्यटक
दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक – 1000 पर्यटक
पर्यटकों के लिए जरूरी गाइडलाइन
कास पठार एक संरक्षित जैव विविधता क्षेत्र है, इसलिए यहां कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है।
फूलों को तोड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
फूलों वाले क्षेत्र में चलने से बचें।
प्लास्टिक कचरा न फैलाएं।
प्राकृतिक वातावरण को नुकसान न पहुंचाएं।
अपने साथ पानी की बोतल और जरूरी सामान रखें।
बारिश के मौसम को देखते हुए अच्छे ग्रिप वाले जूते पहनें।
घूमने का सबसे अच्छा समय
कास पठार पर फूलों का सबसे अच्छा नजारा आमतौर पर सितंबर से अक्टूबर के बीच देखने को मिलता है। हालांकि फूलों का खिलना बारिश और मौसम की स्थिति पर निर्भर करता है।
सितंबर के अंतिम सप्ताह और अक्टूबर की शुरुआत में यहां फूलों की संख्या सबसे ज्यादा देखने को मिल सकती है।
क्यों खास है कास पठार?
कास पठार पर हर साल मानसून के बाद अलग-अलग रंगों के फूल खिलते हैं। यहां की जैव विविधता, शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता इसे महाराष्ट्र के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल करती है।
यह जगह प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफरों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
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