जानिए सही समय ? ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर का क्या है आयुर्वेद के इन खान-पान के नियमों से हेल्दी लाइफ

आमतौर पर ज्यादातर लोगों का ब्रेकफास्ट करने का कोई टाइम नहीं होता। नींद से जागने के बाद फ्रेश होकर वे नाश्ते पर बैठ जाते हैं।

Update: 2021-03-19 07:04 GMT

जनता से रिश्ता वेबडेस्क  |  आमतौर पर ज्यादातर लोगों का ब्रेकफास्ट करने का कोई टाइम नहीं होता। नींद से जागने के बाद फ्रेश होकर वे नाश्ते पर बैठ जाते हैं। चाहे कितना ही टाइम हो रहा हो लेकिन आपको बता दें कि कभी- कभी बिना टाइम नाश्ता करने से न सिर्फ आपको पूरा पोषण नहीं मिल पाता बल्कि इससे अपकी सेहत भी खराब हो सकती है। आयुर्वेद के अनुसार खानपान के नियम देखें, तो इसमें एक स्वस्थ जीवनशैली के अनुसार ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर के टाइम का उल्लेख किया गया है।

नाश्ते का समय
सुबह 7 बजे से 8 बजे तक नाश्ते का सबसे अच्छा समय होता है। सुबह इस बात का भी ध्यान दें कि उठने के आधे घंटे के अंदर कुछ जरूर खा लें। ज्यादा देर तक भूखे रहने से गैस की समस्या हो सकती है। सुबह उठते के साथ पहले एक गिलास गुनगुना पानी भी जरूर पिएं। इससे आपका पेट भी साफ रहता है और चेहरे पर चमक भी बनी रहती है।

दोपहर का खाना

दोपहर का खाना 12 बजे से 2 बजे के बीच खाएं। नाश्ते और दोपहर के खाने के बीच कम-से-कम 4 घंटे का अंतराल होना चाहिए।

रात के खाने का समय

रात में 7 से 9 बजे के बीच खाना जरूर खा लें। इस बात का भी ध्यान रहे कि रात में थोड़ा लाइट ही खाना खाए। रात को हमारा शरीर तेजी से खाना पचा नहीं पाता है। इसके साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि रात का खाना सोने से 3 घंटे पहले ही खा लें।

आयुर्वेद के अनुसार कैसा हो खान-पान 

सब्जियों को पकाने में अधिक समय न लगाएं। ध्यान रखें, सब्जियां न तो ज्यादा पकी हों और न ही कच्ची।

- चीनी की जगह शहद या गुड़, मैदे की जगह चोकरयुक्त आटा और दलिया खाएं।

- अदरक का एक छोटा-सा टुकड़ा (हाथ के अंगूठे के नाखून के तीसरे हिस्से के बराबर) लें और उसे तवे पर भून लें। इस टुकड़े के ठंडा होने के बाद इस पर थोड़ा-सा सेंधा नमक लगाएं। अब इस टुकड़े को खाना खाने से करीब पांच मिनट पहले खा लें। इससे भूख बढ़ती है और पाचन सही रहता है।

- जंक फूड में सोडियम, ट्रांसफैट और शर्करा की भरमार होती है। इसलिए इन्हें खाने से परहेज करें। मार्केट में मिलने वाले सॉफ्ट ड्रिंक्स से दूरी बनाकर रखें।

- खाना हमेशा ताजा और गर्म होना चाहिए। यह पाचन के लिए बेहतर होता है।



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