कैसे पहचानें असली और नकली दूध, जानें आसान तरीके
यह मिलावट देखने में पकड़ में नहीं आती,
Lifestyle लाइफ स्टाइल : दूध हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बच्चों के शारीरिक विकास से लेकर बुजुर्गों की हड्डियों की मजबूती तक, दूध को एक संपूर्ण आहार माना जाता है। लेकिन आज के समय में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो दूध हम और हमारा परिवार रोज पी रहे हैं, क्या वह सच में शुद्ध है या उसमें मिलावट की जा रही है?
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में मिलने वाले दूध में कई बार पानी, स्टार्च, डिटर्जेंट, सिंथेटिक दूध या अन्य हानिकारक पदार्थ मिलाए जाते हैं। यह मिलावट देखने में पकड़ में नहीं आती, लेकिन लंबे समय में यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। इससे पेट की बीमारियां, लीवर पर असर, किडनी की समस्या और बच्चों के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मिलावटी दूध की पहचान कुछ आसान घरेलू तरीकों से की जा सकती है। जैसे दूध को उबालते समय उसमें झाग का अधिक बनना, स्वाद में हल्का बदलाव या उंगलियों पर रगड़ने पर चिकनाहट का अलग अनुभव मिलना, मिलावट के संकेत हो सकते हैं। आयोडीन टेस्ट, पानी मिलावट जांच और उबालने के बाद अवशेष का निरीक्षण भी इसके सरल तरीके माने जाते हैं।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि दूध हमेशा भरोसेमंद स्रोत से ही खरीदना चाहिए। पैकेज्ड दूध पर FSSAI मानकों की जांच करना और एक्सपायरी डेट देखना जरूरी है। खुले दूध के मामले में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि उसमें मिलावट की संभावना अधिक रहती है।
आज के समय में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। अगर उपभोक्ता थोड़ी सतर्कता बरतें और दूध की गुणवत्ता पर ध्यान दें, तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। दूध जैसे जरूरी आहार में मिलावट सिर्फ आर्थिक धोखा नहीं, बल्कि सीधे सेहत पर खतरा है।