लाइफ स्टाइल : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग हर दिन थकान, सुस्ती और कम एनर्जी की समस्या से परेशान रहते हैं। अक्सर लोग इसके लिए कम नींद, ज्यादा काम या मानसिक तनाव को जिम्मेदार मानते हैं, लेकिन बहुत कम लोग अपनी डाइट और खाने की आदतों पर ध्यान देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार हमारी रोजमर्रा की खान-पान की गलतियां ही शरीर में एनर्जी की कमी और बार-बार थकान महसूस होने का कारण बनती हैं।
न्यूट्रिशनिस्ट लक्ष्मी काले के अनुसार, कुछ सामान्य ईटिंग मिस्टेक्स शरीर में एनर्जी लेवल को प्रभावित करती हैं। खाने में सही पोषण का संतुलन नहीं होने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता और गिरता है, जिससे अचानक थकान, कमजोरी और सुस्ती महसूस होने लगती है। अगर दिनभर शरीर को स्थिर ऊर्जा चाहिए तो भोजन में कार्बोहाइड्रेट के साथ प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट को शामिल करना जरूरी है।
मीठे स्नैक्स से होता है एनर्जी क्रैश
कई लोग थकान महसूस होने पर तुरंत मीठी चीजें, बिस्कुट या पैकेट वाले स्नैक्स खाना पसंद करते हैं। इससे थोड़ी देर के लिए ऊर्जा जरूर महसूस होती है, लेकिन इसका असर लंबे समय तक नहीं रहता। विशेषज्ञों के मुताबिक, ज्यादा शुगर वाली चीजें खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है और फिर अचानक गिर जाता है। इसी वजह से कुछ समय बाद दोबारा थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है।
अगर कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों को प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट के साथ खाया जाए तो शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती रहती है। उदाहरण के तौर पर फल के साथ नट्स, दही के साथ बीज या संतुलित भोजन शरीर के एनर्जी लेवल को स्थिर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
लंच के बाद नींद आना भी है आम समस्या
दोपहर के भोजन के बाद कई लोगों को अचानक नींद और सुस्ती महसूस होती है। हालांकि इसके लिए सिर्फ खाना जिम्मेदार नहीं होता, बल्कि शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी यानी बायोलॉजिकल क्लॉक भी इसका एक कारण होती है। दोपहर के समय शरीर में ऊर्जा का स्तर कुछ कम हो सकता है।
वहीं, अगर दोपहर के भोजन में बहुत ज्यादा तला-भुना या हाई फैट वाला खाना शामिल हो तो सुस्ती और बढ़ सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लंच में प्रोटीन, हरी सब्जियां, दाल, सलाद और सीमित मात्रा में हेल्दी फैट शामिल करना चाहिए। इससे शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और दिनभर ऊर्जा बनी रहती है।
शाम की कॉफी भी बन सकती है थकान की वजह
कई लोग शाम के समय सुस्ती दूर करने के लिए कॉफी का सहारा लेते हैं। कॉफी कुछ समय के लिए शरीर को एक्टिव महसूस करा सकती है, लेकिन गलत समय पर इसका सेवन रात की नींद को प्रभावित कर सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने के कुछ घंटे पहले कैफीन लेने से नींद की गुणवत्ता खराब हो सकती है। अगर नींद पूरी और अच्छी नहीं होगी तो अगले दिन शरीर में थकान और सुस्ती महसूस होना स्वाभाविक है। इसलिए शाम के बाद ज्यादा मात्रा में कॉफी या कैफीन वाली चीजों से बचना बेहतर माना जाता है।
लगातार थकान को नजरअंदाज न करें
अगर पर्याप्त नींद लेने, सही भोजन करने और तनाव कम करने के बाद भी लगातार थकान महसूस हो रही है तो शरीर में पोषण की कमी भी इसका कारण हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, आयरन और विटामिन बी12 की कमी से लंबे समय तक कमजोरी, थकान और ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है।
भारत में खासकर महिलाओं में आयरन और विटामिन बी12 की कमी काफी आम समस्या मानी जाती है। ऐसे में केवल चाय-कॉफी या आराम पर निर्भर रहने की बजाय जरूरी जांच करवाना भी महत्वपूर्ण है।
डॉक्टरों की सलाह है कि अगर लंबे समय तक थकान बनी रहती है, चक्कर आते हैं, कमजोरी महसूस होती है या रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगते हैं तो स्वास्थ्य जांच जरूर करवानी चाहिए। सही समय पर कारण पता चलने से समस्या का बेहतर समाधान किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान रखने के लिए केवल ज्यादा खाना जरूरी नहीं, बल्कि सही समय पर सही पोषण वाला भोजन लेना जरूरी है। संतुलित डाइट, पर्याप्त नींद और नियमित दिनचर्या अपनाकर रोजाना होने वाली थकान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।