मध्य प्रदेश :  कूनो नेशनल पार्क में चीतों को करीब से देखने का इंतजार कर रहे पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। मानसून के कारण करीब तीन महीने तक बंद रहने के बाद कूनो नेशनल पार्क में पर्यटन गतिविधियां 1 अक्टूबर 2026 से फिर शुरू होने जा रही हैं। हर साल 1 जुलाई से 30 सितंबर तक मानसून अवधि के दौरान पार्क का कोर क्षेत्र पर्यटकों के लिए बंद रहता है। अब नए पर्यटन सीजन के साथ एक बार फिर पर्यटक जंगल सफारी के जरिए कूनो के प्राकृतिक वातावरण और वहां मौजूद चीतों को देखने का मौका पा सकेंगे।कूनो नेशनल पार्क मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित है और प्रोजेक्ट चीता के कारण देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी चर्चा में रहा है। सितंबर 2022 में नामीबिया से चीतों का पहला जत्था भारत लाया गया था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका और बाद में बोत्सवाना से भी चीते भारत लाए गए। इसी संरक्षण परियोजना के तहत कूनो को चीतों के लिए महत्वपूर्ण आवास के रूप में विकसित किया जा रहा है।
1 अक्टूबर से फिर शुरू होगी सफारी
कूनो में पर्यटन सीजन सामान्य तौर पर 1 अक्टूबर से 30 जून तक चलता है। 1 जुलाई से 30 सितंबर तक मानसून के दौरान पार्क के कोर क्षेत्र में पर्यटन बंद रहता है। इसका कारण बारिश के दौरान जंगल के रास्तों की स्थिति, वन्यजीवों के प्रजनन और जंगल के प्राकृतिक पुनरुत्पादन से जुड़ी परिस्थितियां हैं। 1 अक्टूबर से पार्क खुलने के बाद अक्टूबर से फरवरी तक मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहता है, जबकि मार्च से जून के बीच गर्मी बढ़ने पर वन्यजीवों के पानी के स्रोतों के आसपास दिखाई देने की संभावना बढ़ सकती है।
कैसे होगी बुकिंग?
कूनो सफारी पर जाने वाले पर्यटकों को अपनी यात्रा की तारीख तय करने से पहले सफारी की उपलब्धता और बुकिंग नियमों की जानकारी लेना जरूरी होगा। सफारी की बुकिंग निर्धारित ऑनलाइन पर्यटन व्यवस्था के माध्यम से की जाती है। बुकिंग करते समय पर्यटकों को उपलब्ध तारीख, सफारी स्लॉट और प्रवेश क्षेत्र जैसी जानकारी ध्यान से देखनी चाहिए। लोकप्रिय तारीखों पर पहले से बुकिंग करना उपयोगी हो सकता है, क्योंकि पर्यटन सीजन शुरू होने के बाद पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना रहती है।कूनो में अलग-अलग प्रवेश गेट और पर्यटन क्षेत्रों से जुड़ी व्यवस्था हो सकती है। इसलिए बुकिंग करने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपकी बुकिंग किस गेट और किस सफारी क्षेत्र के लिए है। जिला प्रशासन की वेबसाइट पर कूनो नेशनल पार्क से जुड़ी पर्यटन जानकारी उपलब्ध है।
सफारी का क्या रहेगा समय?
सफारी का समय मौसम और स्थानीय वन विभाग की व्यवस्था के अनुसार तय किया जाता है। आमतौर पर राष्ट्रीय उद्यानों में सुबह और दोपहर के अलग-अलग सफारी स्लॉट होते हैं। कूनो में भी पर्यटकों को निर्धारित स्लॉट के अनुसार ही प्रवेश दिया जाता है। हालांकि, यात्रा की तारीख के लिए सही समय बुकिंग पोर्टल पर उपलब्ध स्लॉट देखकर ही तय करना बेहतर होगा, क्योंकि सूर्योदय-सूर्यास्त और मौसम के अनुसार समय में बदलाव हो सकता है।अगर आपका मुख्य उद्देश्य चीता देखना है, तो जंगल में वन्यजीवों की गतिविधियां पूरी तरह प्राकृतिक होती हैं। इसलिए किसी खास स्थान पर चीते के दिखाई देने की गारंटी नहीं होती। सफारी के दौरान पर्यटकों को गाइड और वन विभाग के निर्देशों का पालन करना होता है। जंगल में शोर न करना, जानवरों के करीब जाने की कोशिश न करना और वाहन से बाहर न निकलना जैसी सावधानियां जरूरी हैं।
कूनो जाने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
कूनो सफारी की योजना बनाते समय मौसम, बुकिंग की उपलब्धता और प्रवेश गेट की जानकारी पहले से जांच लें। पहचान पत्र और बुकिंग से जुड़े जरूरी दस्तावेज साथ रखना भी जरूरी है। सफारी के दौरान आरामदायक कपड़े, पानी और मौसम के अनुसार जरूरी सामान रखना उपयोगी रहेगा। जंगल में प्लास्टिक या कचरा फेंकने से बचें और वन्यजीवों को किसी भी तरह का भोजन न दें।कूनो नेशनल पार्क तक पहुंचने के लिए श्योपुर से सड़क मार्ग का इस्तेमाल किया जा सकता है। जिला प्रशासन की जानकारी के अनुसार श्योपुर से कूनो की दूरी लगभग 65 किलोमीटर है।कूनो में चीतों की मौजूदगी ने इस पर्यटन स्थल को खास पहचान दी है। सितंबर 2026 में कूनो में जन्मी मादा चीता KGP12 ने चार शावकों को जन्म दिया, जिसे प्रोजेक्ट चीता के तहत एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में रिपोर्ट किया गया है।ऐसे में 1 अक्टूबर से शुरू होने वाला नया पर्यटन सीजन वन्यजीव प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बन सकता है। अगर आप कूनो चीता सफारी का प्लान बना रहे हैं, तो यात्रा से पहले आधिकारिक बुकिंग व्यवस्था, उपलब्ध स्लॉट, प्रवेश गेट, सफारी समय और उस दिन लागू नियमों की जानकारी जरूर जांच लें।
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