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लाइफ स्टाइल
लंगर जैसी लाजवाब दाल बनाने का आसान तरीका स्वाद नहीं भूलेंगे
Ratna Netam
25 Sept 2026 2:08 PM IST

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लाइफ स्टाइल : लंगर में मिलने वाली दाल का स्वाद कुछ ऐसा होता है कि साधारण सी सामग्री से बनी होने के बावजूद उसका स्वाद लंबे समय तक याद रहता है। गुरुद्वारे के लंगर में परोसी जाने वाली दाल गाढ़ी, खुशबूदार और बेहद स्वादिष्ट होती है। कई लोग घर पर उड़द और चने की दाल मिलाकर बिल्कुल वैसी दाल बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन स्वाद में कुछ न कुछ अंतर रह ही जाता है। इसकी बड़ी वजह सिर्फ मसाले नहीं, बल्कि दाल को पकाने का तरीका, सही मात्रा में पानी, धीमी आंच और आखिर में लगाया गया तड़का है। अगर आप भी घर पर लंगर जैसी दाल बनाना चाहते हैं तो इस आसान तरीके को आजमा सकते हैं।
लंगर वाली दाल बनाने के लिए करीब एक कप साबुत उड़द की दाल और आधा कप चना दाल लें। दाल को अच्छी तरह धोने के बाद कम से कम 4 से 5 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखें। अगर समय हो तो इसे रातभर भी भिगोया जा सकता है। दाल को भिगोने से वह अच्छी तरह गलती है और पकने के बाद उसका टेक्सचर मुलायम और क्रीमी बनता है। यही दाल के स्वाद को बेहतर बनाने की पहली जरूरी प्रक्रिया है।
भीगी हुई दाल को प्रेशर कुकर में डालें और उसमें पर्याप्त पानी, थोड़ा नमक, हल्दी और बारीक कटा हुआ अदरक डाल दें। इसे मध्यम आंच पर अच्छी तरह पकाएं। दाल इतनी पकनी चाहिए कि उड़द और चने के दाने आसानी से दब जाएं। कुकर का प्रेशर निकलने के बाद दाल को करछी की मदद से हल्का-हल्का मैश करें। इसे पूरी तरह पेस्ट नहीं बनाना है। कुछ दाने साबुत रहने से लंगर वाली दाल जैसा टेक्सचर मिलता है।
अब दाल को धीमी आंच पर दोबारा पकाना शुरू करें। यही वह तरीका है जो इसके स्वाद में बड़ा अंतर लाता है। घर पर अक्सर लोग कुकर में दाल पकने के बाद तुरंत तड़का लगाकर गैस बंद कर देते हैं, जबकि लंगर जैसी दाल के लिए उसे कुछ देर धीमी आंच पर पकाना जरूरी है। बीच-बीच में दाल को चलाते रहें और जरूरत के अनुसार थोड़ा गर्म पानी मिलाएं। लगभग 20 से 30 मिनट धीमी आंच पर पकने से दाल गाढ़ी होने लगती है और उसका स्वाद भी निखर जाता है।
अब बारी आती है तड़के की। एक कड़ाही में देसी घी गर्म करें। आप चाहें तो थोड़ा तेल और घी दोनों मिला सकते हैं। इसमें जीरा डालें। जीरा चटकने के बाद बारीक कटा प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद अदरक और लहसुन डालकर अच्छी तरह भून लें। लहसुन का स्वाद इस दाल में खास भूमिका निभाता है, इसलिए इसे कच्चा न छोड़ें।
अब बारीक कटे टमाटर डालें। साथ में लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और थोड़ी हल्दी डालकर मसाले को तब तक पकाएं जब तक टमाटर पूरी तरह नरम न हो जाए और मसाले से घी अलग दिखाई देने लगे। बहुत ज्यादा मसाले डालने की जरूरत नहीं है। लंगर वाली दाल की खासियत यही है कि इसका स्वाद तेज मसालों के बजाय दाल, अदरक, लहसुन और धीमी आंच पर पकाने से आता है।
तैयार तड़के को पकी हुई दाल में डाल दें और अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद दाल को करीब 10 से 15 मिनट तक धीमी आंच पर और पकाएं। अगर दाल बहुत गाढ़ी हो गई है तो थोड़ा गर्म पानी मिला सकते हैं। ठंडा पानी डालने से बचें। आखिर में स्वाद के अनुसार नमक मिलाएं।
दाल का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए एक छोटा दूसरा तड़का भी लगाया जा सकता है। इसके लिए एक छोटे पैन में एक चम्मच देसी घी गर्म करें। इसमें थोड़ा जीरा, बारीक कटा लहसुन और साबुत लाल मिर्च डालें। लहसुन हल्का सुनहरा होने पर गैस बंद कर दें और इसमें चुटकीभर लाल मिर्च पाउडर डालकर तुरंत तैयार दाल के ऊपर डाल दें। इससे दाल में शानदार खुशबू आएगी।
लंगर जैसी दाल बनाने में सबसे जरूरी चीज धैर्य है। इसे तेज आंच पर जल्दी तैयार करने की कोशिश करने के बजाय धीमी आंच पर पर्याप्त समय दें। दाल जितनी अच्छी तरह गलकर मसालों के साथ पकती है, उसका स्वाद उतना ही गहरा होता जाता है। ज्यादा क्रीम, मक्खन या गरम मसाला डालना जरूरी नहीं है। देसी घी का संतुलित इस्तेमाल और सही तरीके से भुना हुआ प्याज-टमाटर का तड़का ही काफी है।
तैयार दाल को गर्मागर्म रोटी, तंदूरी रोटी, पराठे या चावल के साथ परोस सकते हैं। ऊपर से थोड़ा हरा धनिया डालें। अगर आप पहली बार इस तरीके से दाल बना रहे हैं तो खास तौर पर दाल को लंबे समय तक धीमी आंच पर पकाने और आखिर में लहसुन वाला तड़का लगाने का तरीका जरूर अपनाएं। इन्हीं छोटी-छोटी बातों से घर की साधारण दाल में भी लंगर वाली दाल जैसा गाढ़ापन, खुशबू और स्वाद लाया जा सकता है।
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