Health Tips : हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन आज एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। कई लोग ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए खाने में नमक कम कर देते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका बीपी बढ़ा हुआ रहता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर नमक कम करने के बाद भी ब्लड प्रेशर क्यों बढ़ता है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बीपी बढ़ने के पीछे केवल नमक ही नहीं, बल्कि तनाव, नींद की कमी, मोटापा, शारीरिक गतिविधियों की कमी और कुछ बीमारियां भी जिम्मेदार हो सकती हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वर्ष 2024 में दुनियाभर में 30 से 79 वर्ष की उम्र के लगभग 1.4 अरब लोग हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित थे। समय पर नियंत्रण नहीं होने पर इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

1. पर्याप्त नींद नहीं लेना

नींद की कमी ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकती है। लगातार कम सोने से शरीर की तनाव नियंत्रण प्रणाली प्रभावित होती है। वयस्कों को सामान्यतः प्रतिदिन 7 से 9 घंटे की नींद लेने की सलाह दी जाती है। यदि नींद में बार-बार सांस रुकती है या तेज खर्राटे आते हैं, तो स्लीप एपनिया की जांच जरूरी हो सकती है।

2. ज्यादा तनाव लेना

मानसिक तनाव के दौरान शरीर में ऐसे हार्मोन निकलते हैं, जो अस्थायी रूप से ब्लड प्रेशर बढ़ा सकते हैं। लंबे समय तक तनाव रहने से नींद, खानपान और जीवनशैली भी प्रभावित हो सकती है। नियमित योग, ध्यान और सांस संबंधी अभ्यास तनाव कम करने में मदद कर सकते हैं।

3. पैकेटबंद खाद्य पदार्थ खाना

कई लोग भोजन में ऊपर से नमक डालना बंद कर देते हैं, लेकिन नमकीन, चिप्स, सॉस, अचार और पैकेटबंद खाद्य पदार्थों का सेवन जारी रखते हैं। इनमें सोडियम की मात्रा अधिक हो सकती है। WHO वयस्कों को प्रतिदिन 5 ग्राम से कम नमक लेने की सलाह देता है। इसमें दिनभर के सभी खाद्य पदार्थों से मिलने वाला नमक शामिल है।

4. शारीरिक गतिविधियों की कमी

लगातार बैठे रहने और व्यायाम नहीं करने से मोटापा तथा हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है। WHO सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि की सलाह देता है। तेज चलना, साइकिल चलाना और तैराकी फायदेमंद विकल्प हैं।

5. वजन बढ़ना और असंतुलित खानपान

शरीर का अतिरिक्त वजन हृदय और रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ा सकता है। फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और कम संतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थों से भरपूर DASH डाइट ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में सहायक हो सकती है। किडनी रोगियों को पोटैशियम की मात्रा बढ़ाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

6. जरूरत से ज्यादा चाय-कॉफी और तंबाकू

कैफीन कुछ लोगों में अस्थायी रूप से ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है। वहीं, धूम्रपान और अन्य तंबाकू उत्पाद हृदय तथा रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। शराब का अत्यधिक सेवन भी बीपी बढ़ने का एक जोखिम कारक है।

7. दवाइयां छोड़ना या गलत तरीके से BP मापना

कई मरीज बीपी सामान्य आते ही डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद कर देते हैं। इससे ब्लड प्रेशर दोबारा बढ़ सकता है। कुछ दर्द निवारक और सर्दी-जुकाम की दवाएं भी बीपी प्रभावित कर सकती हैं।

घर पर बीपी मापने से पहले पांच मिनट शांत बैठें। जांच से 30 मिनट पहले कैफीन, धूम्रपान और व्यायाम से बचें। पीठ को सहारा दें, पैर जमीन पर रखें और बाजू को हृदय की ऊंचाई पर रखें।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?

यदि बीपी बार-बार अधिक आ रहा है, तो चिकित्सकीय जांच कराएं। यदि रीडिंग 180/120 mmHg से अधिक आए, तो एक मिनट बाद दोबारा जांचें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। साथ में सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, कमजोरी या बोलने में दिक्कत हो तो तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।

निष्कर्ष: ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने के लिए केवल नमक कम करना पर्याप्त नहीं है। संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, वजन नियंत्रण और डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवाओं का सही सेवन भी जरूरी है।

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