लाइफस्टाइल :  करवाचौथ की तैयारियों में कपड़ों, गहनों और मेहंदी के साथ चेहरे की देखभाल भी शामिल रहती है। कई महिलाएं पार्लर जाने के बजाय घर पर साधारण स्किन केयर करना पसंद करती हैं। ऐसे में मसूर दाल का फेस पैक एक प्रचलित घरेलू नुस्खा है। हालांकि, इसे पार्लर के फेशियल का प्रमाणित विकल्प या तुरंत चमक देने वाला उपचार समझना सही नहीं है। मसूर दाल लगाने से टैनिंग, झाइयां या मुंहासे दूर होने के मजबूत चिकित्सकीय प्रमाण सीमित हैं। इसे आजमाने से पहले अपनी त्वचा की स्थिति और संभावित प्रतिक्रिया पर ध्यान देना जरूरी है।

मसूर दाल का साधारण फेस पैक कैसे बनाएं
यदि आपकी त्वचा सामान्य है, दाल से एलर्जी नहीं है और आप यह घरेलू मिश्रण आजमाना चाहती हैं, तो इसे साधारण रखें। साफ मसूर दाल का बहुत बारीक पाउडर लें। लगभग एक छोटी चम्मच पाउडर में थोड़ा-थोड़ा साफ पानी मिलाकर मुलायम पेस्ट तैयार करें। मिश्रण में मोटे दाने नहीं होने चाहिए। साफ कटोरी और चम्मच इस्तेमाल करें तथा जितनी जरूरत हो, उतना ही पेस्ट बनाएं। यह घरेलू विधि है; इसकी मात्रा और लगाने की अवधि कोई चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित उपचार नहीं है।
चेहरे पर लगाने का तरीका
पहले चेहरे को हल्के क्लींजर से साफ करें। पेस्ट की पतली परत उंगलियों से धीरे लगाएं और आंखों, होंठों तथा नाक के भीतर के हिस्से से दूर रखें। पहली बार इसे थोड़ी देर के लिए ही लगाएं; लगभग पांच मिनट बाद बिना रगड़े पानी से हटा दें। त्वचा में खिंचाव, चुभन या जलन हो तो समय पूरा होने का इंतजार न करें। पैक को सूखकर सख्त होने देना जरूरी नहीं है। धोने के बाद मुलायम तौलिये से थपथपाकर चेहरा सुखाएं और अपना परिचित मॉइस्चराइजर लगाएं।
सूखे पैक को स्क्रब की तरह न रगड़ें
दाल के कणों से जोरदार मालिश करने पर त्वचा में घर्षण और जलन हो सकती है। खासकर संवेदनशील या पहले से रूखी त्वचा पर अतिरिक्त एक्सफोलिएशन परेशानी बढ़ा सकता है। त्वचा विशेषज्ञ घर पर एक्सफोलिएशन करते समय कोमलता बरतने और बाद में मॉइस्चराइजर लगाने की सलाह देते हैं। कटे हुए हिस्से, खुले घाव या धूप से जली त्वचा पर एक्सफोलिएशन नहीं करना चाहिए। चेहरे को ज्यादा रगड़ना बेहतर सफाई या ज्यादा निखार की गारंटी नहीं है। 
पहले छोटी जगह पर प्रतिक्रिया देखें
किसी नए फेस पैक को सीधे पूरे चेहरे पर लगाने से बचें। पहले बांह के अंदरूनी हिस्से जैसी छोटी जगह पर लगाकर प्रतिक्रिया देखें। सामान्य स्किन केयर उत्पादों के लिए त्वचा विशेषज्ञ सात से दस दिनों तक छोटी जगह पर परीक्षण करने की सलाह देते हैं। धोकर हटाए जाने वाले उत्पाद को परीक्षण के दौरान भी निर्धारित अवधि के बाद धोना होता है। घरेलू मिश्रण की संरचना बदल सकती है, इसलिए छोटी जगह पर प्रतिक्रिया न होना पूरे चेहरे पर सुरक्षा की गारंटी नहीं है। 
कब यह नुस्खा छोड़ देना बेहतर है
चेहरे पर सक्रिय दाने, एक्जिमा, लालिमा, खुजली या पहले से जलन हो तो नया घरेलू पैक न आजमाएं। मसूर या अन्य दालों से ज्ञात एलर्जी होने पर भी इसका इस्तेमाल छोड़ दें। यदि आप रेटिनॉल, सैलिसिलिक एसिड या दूसरे एक्सफोलिएटिंग उत्पाद इस्तेमाल करती हैं, तो अतिरिक्त स्क्रबिंग से सावधान रहें। एक साथ कई एक्सफोलिएटिंग चीजें लगाने से रूखापन और जलन बढ़ सकती है। फेस मास्क मुंहासे या एक्जिमा जैसी स्थितियों के उपचार की जगह नहीं लेते। 
नींबू और कई चीजें मिलाने से बचें
निखार बढ़ाने के लिए पेस्ट में नींबू, बेकिंग सोडा, परफ्यूम या कई नए पदार्थ न मिलाएं। ज्यादा सामग्री का मतलब ज्यादा फायदा नहीं है। मिश्रण लगाने के बाद जलन या खुजली शुरू हो तो तुरंत धो दें और दोबारा इस्तेमाल न करें। लगातार लालिमा, सूजन या चकत्ते रहने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। त्योहार से ठीक पहले पहली बार कोई नया प्रयोग करना भी टालें, क्योंकि प्रतिक्रिया होने पर त्वचा को सामान्य होने में समय लग सकता है।
निखार के लिए नियमित देखभाल रखें
करवाचौथ की तैयारी में परिचित हल्का क्लींजर, त्वचा के अनुकूल मॉइस्चराइजर और दिन में सनस्क्रीन अधिक भरोसेमंद बुनियाद हैं। मेकअप धीरे हटाएं और बार-बार स्क्रब करने से बचें। मसूर दाल का पैक लगाना पूरी तरह वैकल्पिक है। त्वचा साफ, आरामदायक और जलन से मुक्त रहे, यही अच्छी देखभाल का उद्देश्य होना चाहिए।

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