Lifestyle, लाइफस्टाइल : कांसे के बर्तन भारतीय रसोई में सदियों से इस्तेमाल होते आए हैं, लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कुछ खास चीजें कांसे के बर्तन में पकाना या उसमें परोसना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। खासकर खट्टी और अम्लीय चीजों का कांसे के बर्तन में इस्तेमाल गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है।
आयुर्वेद और आधुनिक रिसर्च दोनों का मानना है कि कांसा एक प्राकृतिक एंटीस्पटिक और पोषक धातु है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल गंभीर परिणाम दे सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, यदि आप खट्टी दाल, टमाटर वाली सब्जी, कड़ी या अन्य अम्लीय चीजें कांसे के बर्तन में पकाते हैं या लंबे समय तक उसमें रखते हैं, तो यह आपके शरीर में कई तरह की समस्याएं पैदा कर सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खट्टे या अम्लीय पदार्थ कांसे के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया कर सकते हैं। इस प्रतिक्रिया के दौरान बर्तन से निकलने वाले कॉपर यानि तांबा खाने में मिल जाता है। लंबे समय तक इसकी खपत से पेट में जलन, मतली, उल्टी, दस्त और लीवर व किडनी पर असर पड़ सकता है। गंभीर मामलों में यह टॉक्सिसिटी यानी विषाक्तता भी पैदा कर सकता है।
इसके अलावा, यदि कांसे के बर्तन का नियमित रूप से ख्याल न रखा जाए, तो उस पर जमा जंग या गंदगी भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कांसे के बर्तन को इस्तेमाल करने से पहले अच्छे से साफ करें और समय-समय पर नींबू और नमक से पॉलिश करके इसे सुरक्षित बनाएं।
कांसे के बर्तन का सुरक्षित इस्तेमाल करने के लिए ये टिप्स फायदेमंद हैं:
खट्टे पदार्थ से बचें: दाल, कड़ी, टमाटर, इमली जैसी खट्टी चीजें सीधे कांसे के बर्तन में न पकाएं।
समय का ध्यान रखें: अगर कोई खाना कांसे के बर्तन में रखा है, तो उसे ज्यादा देर तक न रखें।
साफ-सफाई: हर इस्तेमाल के बाद बर्तन को गर्म पानी और हल्के साबुन से धोकर सुखाएं।
पॉलिशिंग: महीने में एक बार नींबू और नमक या हल्की सी कॉपर पेस्ट से बर्तन को पॉलिश करें।
खाद्य विशेषज्ञ बताते हैं कि कांसे के बर्तन में पकाया गया खाना अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यह सेहत के लिए लाभकारी भी हो सकता है। कांसे के बर्तन में पानी रखने से उसमें तांबे के सूक्ष्म अंश मिलते हैं, जो एंटीबैक्टीरियल गुणों के कारण इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं।
हालांकि, खट्टे और अम्लीय भोजन से कांसे के बर्तन में रासायनिक प्रतिक्रिया होने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। इसलिए लोग अक्सर गलती से दाल या सब्जी को सीधे कांसे के बर्तन में पकाते हैं, जो पेट और पाचन तंत्र पर असर डाल सकता है।
निष्कर्ष यह है कि कांसे के बर्तन का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसके गलत इस्तेमाल से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए खट्टे और अम्लीय खाद्य पदार्थों के लिए स्टील, कांच या मिट्टी के बर्तन बेहतर विकल्प हैं।
कुल मिलाकर, अपने पारंपरिक कांसे के बर्तन को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बनाना संभव है, बस जरूरत है सावधानी और सही जानकारी की।