लाइफ स्टाइल : घर में दूध फटना एक आम समस्या है। कई बार गर्मी, मौसम में बदलाव या दूध को अधिक देर तक रखने के कारण दूध फट जाता है। ऐसी स्थिति में अधिकतर लोग परेशान हो जाते हैं और उसे बेकार समझकर फेंक देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि साफ-सुथरी परिस्थितियों में ताजा फटे हुए दूध से भी कई स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं? इन्हीं में से एक है सॉफ्ट और स्पंजी इडली। फटे हुए दूध से मिलने वाले छेने और हल्के खट्टे तरल का सही इस्तेमाल करके घर पर स्वादिष्ट इडली बनाई जा सकती है।
दक्षिण भारतीय व्यंजनों में इडली को हल्का और लोकप्रिय नाश्ता माना जाता है। आमतौर पर इसे चावल और उड़द दाल के खमीरयुक्त घोल से बनाया जाता है, लेकिन इंस्टेंट इडली तैयार करने के लिए सूजी, दही और अन्य सामग्रियों का भी इस्तेमाल होता है। इसी तरह ताजा फटे हुए दूध का उपयोग करके इडली के घोल में नमी और मुलायम बनावट लाई जा सकती है।
फटे हुए दूध से कैसे बनेगी स्पंजी इडली?
जब दूध फटता है, तो वह दो हिस्सों में अलग हो जाता है। पहला सफेद ठोस हिस्सा होता है, जिसे छेना कहा जाता है। दूसरा हल्का पीला या हरा तरल होता है, जिसे व्हे कहा जाता है।
छेने में प्रोटीन और वसा मौजूद होते हैं, जबकि व्हे में पानी के साथ कुछ घुलनशील पोषक तत्व होते हैं।
इडली बनाने के लिए ताजा छेने को सूजी के साथ मिलाया जा सकता है। जरूरत के अनुसार व्हे का उपयोग घोल को तैयार करने में किया जा सकता है।
हालांकि, केवल फटे दूध से इडली अपने आप स्पंजी नहीं बनती। इसके लिए घोल की सही गाढ़ाई और इंस्टेंट रेसिपी में फ्रूट सॉल्ट या उपयुक्त फुलाने वाले पदार्थ की आवश्यकता पड़ सकती है।
इडली बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
सामग्री — लगभग 10 से 12 छोटी इडलियों के लिए
1 कप सूजी (रवा)
½ कप ताजा छेना
½ से ¾ कप ताजा व्हे या पानी, जरूरत के अनुसार
2 बड़े चम्मच दही (वैकल्पिक)
½ छोटा चम्मच फ्रूट सॉल्ट (ईनो)
स्वादानुसार नमक
1 छोटा चम्मच तेल, सांचे चिकने करने के लिए
थोड़ी राई, करी पत्ता और कद्दूकस गाजर (वैकल्पिक)
इन सामग्रियों से घर पर बिना लंबे समय तक घोल को खमीर उठाए इंस्टेंट इडली तैयार की जा सकती है।
सबसे पहले फटे हुए दूध को करें तैयार
अगर दूध ताजा है और गर्म करते समय फटा है, तो सबसे पहले उसके छेने को साफ छलनी या मलमल के कपड़े से अलग कर लें।
छेना बहुत अधिक सूखा नहीं होना चाहिए। हल्की नमी रहने से उसे इडली के मिश्रण में मिलाना आसान होता है।
अगर दूध अत्यधिक खट्टा हो गया है, उसमें खराब गंध आ रही है या वह लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखा था, तो उसका इस्तेमाल न करें।
ध्यान रखें कि खराब दूध और ताजा फटा हुआ दूध एक जैसे नहीं होते। खराब या संदिग्ध दूध को पकाकर भी सुरक्षित मानना उचित नहीं है।
पहला स्टेप: सूजी को हल्का भूनें
सबसे पहले एक कड़ाही लें और उसमें एक कप सूजी डालें।
सूजी को धीमी आंच पर दो से तीन मिनट तक हल्का भून लें। इसे भूरा नहीं करना है, केवल इसकी अतिरिक्त नमी कम करनी है।
इसके बाद सूजी को किसी बड़े बर्तन में निकालकर ठंडा होने दें।
हल्का भूनने से सूजी को मिश्रण में मिलाना आसान हो सकता है।
दूसरा स्टेप: छेने का मुलायम मिश्रण बनाएं
अब आधा कप ताजा छेना लें और उसे चम्मच या मिक्सर की सहायता से मुलायम कर लें।
इसके बाद सूजी में छेना और जरूरत के अनुसार व्हे या पानी डालें।
यदि छेना पर्याप्त खट्टा नहीं है, तो दो बड़े चम्मच दही भी मिला सकते हैं।
मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर गाढ़ा घोल तैयार करें।
घोल इतना गाढ़ा होना चाहिए कि चम्मच से धीरे-धीरे गिरे, लेकिन बिल्कुल सख्त न हो।
तीसरा स्टेप: घोल को 15 से 20 मिनट रखें
सूजी को तरल सोखने के लिए कुछ समय देना जरूरी है।
तैयार घोल को लगभग 15 से 20 मिनट ढककर रख दें।
इस दौरान सूजी फूल जाएगी और मिश्रण पहले की तुलना में थोड़ा गाढ़ा हो सकता है।
जरूरत पड़ने पर थोड़ा पानी या व्हे मिलाकर इसकी गाढ़ाई ठीक कर सकते हैं।
अब स्वादानुसार नमक डालें।
चौथा स्टेप: स्टीमर तैयार करें
इडली बनाने के लिए स्टीमर या इडली कुकर में पानी गर्म करें।
इडली के सांचों में थोड़ा तेल लगाएं, ताकि पकने के बाद इडली आसानी से निकल सके।
इसके बाद घोल में आधा छोटा चम्मच फ्रूट सॉल्ट डालकर धीरे से मिलाएं।
फ्रूट सॉल्ट डालने के बाद घोल को अधिक देर तक न फेंटें और तुरंत सांचों में भर दें।
फ्रूट सॉल्ट और घोल की अम्लीय सामग्री के बीच प्रतिक्रिया से गैस बनती है, जो इडली को हल्का और फूला हुआ बनाने में मदद करती है।
पांचवां स्टेप: 10 से 15 मिनट तक पकाएं
इडली के सांचों को पहले से गर्म स्टीमर में रखें।
मध्यम आंच पर लगभग 10 से 15 मिनट तक पकाएं। इडली के आकार और स्टीमर के अनुसार समय बदल सकता है।
पकने की जांच करने के लिए बीच में टूथपिक डालें। अगर वह साफ निकलती है, तो इडली तैयार है।
आंच बंद करके दो से तीन मिनट रुकें और फिर सावधानी से इडली निकाल लें।
तैयार इडली को नारियल की चटनी, टमाटर की चटनी या सांभर के साथ परोस सकते हैं।
इडली को मुलायम बनाने के खास टिप्स
इडली बनाते समय कुछ छोटी गलतियां उसकी बनावट खराब कर सकती हैं।
यदि घोल बहुत पतला होगा, तो इडली ठीक से फूलने के बजाय चिपचिपी बन सकती है।
वहीं, बहुत गाढ़ा घोल इडली को भारी और सख्त बना सकता है।
इसके अलावा फ्रूट सॉल्ट मिलाने के बाद तुरंत स्टीम करना जरूरी है।
स्टीमर में पर्याप्त भाप होनी चाहिए और पकाते समय बार-बार ढक्कन खोलने से बचना चाहिए।
इडली बनने के तुरंत बाद सांचों से निकालने के बजाय कुछ मिनट रुकना भी उपयोगी है।
स्वाद बढ़ाने के लिए करें ये बदलाव
अगर आप साधारण इडली की जगह कुछ अलग बनाना चाहते हैं, तो घोल में बारीक कटी हरी मिर्च, अदरक, गाजर या हरा धनिया मिला सकते हैं।
राई और करी पत्ते का हल्का तड़का डालने से भी स्वाद बढ़ाया जा सकता है।
बच्चों के लिए इडली बनाते समय तीखे मसालों की मात्रा कम रखें।
इसके अलावा इडली के ऊपर कद्दूकस की हुई गाजर या थोड़ा हरा धनिया डालने से वह देखने में भी आकर्षक लगेगी।
फटे हुए दूध के पोषक तत्वों का उपयोग
ताजा फटे हुए दूध से प्राप्त छेने में प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं।
सूजी के साथ छेना मिलाने से इडली में कुछ अतिरिक्त प्रोटीन जुड़ सकता है।
हालांकि, इस रेसिपी की पोषण मात्रा छेने की मात्रा, दूध में वसा और इस्तेमाल की गई अन्य सामग्रियों पर निर्भर करेगी।
इसे पारंपरिक उड़द दाल और चावल की इडली के पोषण के बिल्कुल समान नहीं माना जाना चाहिए।