गैस सिलेंडर जल्दी खत्म होता है? आज ही बदलें ये 3 आदतें
जानें बचत की सच्चाई
नई दिल्ली : बढ़ती महंगाई के बीच रसोई गैस का खर्च हर परिवार के मासिक बजट का अहम हिस्सा बन गया है। सुबह की चाय बनाने से लेकर रात का खाना पकाने तक एलपीजी गैस सिलेंडर का इस्तेमाल लगातार होता है। ऐसे में अगर सिलेंडर उम्मीद से पहले खत्म हो जाए, तो घर का बजट बिगड़ सकता है। कई लोगों को शिकायत रहती है कि उनका गैस सिलेंडर ज्यादा दिनों तक नहीं चलता। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे केवल ज्यादा खाना बनाना ही नहीं, बल्कि रसोई में अपनाई जाने वाली कुछ छोटी-छोटी गलत आदतें भी जिम्मेदार हो सकती हैं? विशेषज्ञों के अनुसार, खाना पकाने की सही तकनीक अपनाकर गैस की अनावश्यक खपत कम की जा सकती है। इसके लिए न तो रोज का मेन्यू बदलने की जरूरत है और न ही खाना कम बनाने की। बस गैस जलाने, बर्तन चुनने और खाना पकाने की कुछ आदतों में बदलाव करना होगा। आइए जानते हैं रसोई की ऐसी तीन बड़ी गलतियों के बारे में, जिन्हें सुधारकर आप एलपीजी सिलेंडर को अधिक दिनों तक इस्तेमाल कर सकते हैं।
तेज आंच पर खाना पकाने की आदत बदलें
कई लोग सोचते हैं कि गैस की आंच जितनी तेज होगी, खाना उतनी जल्दी तैयार होगा। इसी वजह से वे सब्जी, दाल और दूसरी चीजें बनाते समय लगातार तेज आंच का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन ऐसा करना हमेशा फायदेमंद नहीं होता। जब गैस की लौ बर्तन के निचले हिस्से से बाहर निकलने लगती है, तो गर्मी का बड़ा हिस्सा बर्तन तक पहुंचने के बजाय आसपास फैल जाता है। इससे गैस की अनावश्यक खपत होती है। इसलिए बर्तन के आकार के अनुसार ही गैस की आंच रखें। खाना उबलने लगे तो जरूरत के मुताबिक आंच धीमी कर दें। खासकर दाल, चावल और सब्जियां पकाते समय मध्यम या धीमी आंच का इस्तेमाल उपयोगी हो सकता है। इस तरीके से भोजन को नियंत्रित तापमान पर पकाने में मदद मिलेगी और गैस की बर्बादी भी कम हो सकती है।
गैस जलाने से पहले पूरी तैयारी कर लें
रसोई में होने वाली दूसरी बड़ी गलती है बिना तैयारी के गैस जलाना। कई लोग चूल्हा चालू करने के बाद सब्जियां काटने, मसाले निकालने या जरूरी बर्तन खोजने लगते हैं। इस दौरान गैस जलती रहती है, जबकि उसका कोई उपयोग नहीं हो रहा होता। रोजाना कुछ मिनट की यह लापरवाही लंबे समय में गैस की अनावश्यक खपत बढ़ा सकती है। इस समस्या से बचने के लिए खाना बनाने से पहले सारी तैयारी पूरी कर लें। सब्जियां काटकर रखें, मसाले निकाल लें और जरूरी बर्तनों को पास में व्यवस्थित कर लें। अगर एक साथ कई व्यंजन बनाने हैं, तो उनकी सामग्री भी पहले से तैयार रखें। इससे खाना बनाने की प्रक्रिया आसान होगी और बर्नर बेवजह चालू रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
खाना बनाते समय बर्तन पर ढक्कन जरूर लगाएं
तीसरी महत्वपूर्ण आदत है खाना बनाते समय बर्तन को खुला छोड़ देना। कई लोग दाल, सब्जी या पानी गर्म करते समय बर्तन पर ढक्कन नहीं लगाते। जब बर्तन खुला रहता है, तो गर्मी और भाप लगातार बाहर निकलती रहती है। इससे भोजन पकने में ज्यादा समय लग सकता है और गैस की खपत बढ़ सकती है। इसलिए दाल, सब्जी और अन्य उपयुक्त व्यंजन पकाते समय बर्तन पर ढक्कन लगाएं। इससे गर्मी अंदर बनी रहती है और खाना अपेक्षाकृत जल्दी पक सकता है। हालांकि, दूध उबालते समय या झाग बनने वाले व्यंजन पकाते समय विशेष सावधानी जरूरी है। ऐसी चीजों को बिना निगरानी के न छोड़ें।
गैस बचाने के लिए अपनाएं ये 4 अतिरिक्त उपाय
बर्नर की नियमित सफाई करें: गैस चूल्हे के बर्नर में तेल, गंदगी या खाने के कण जमा होने से लौ प्रभावित हो सकती है। ठंडा होने पर बर्नर की नियमित सफाई करें। यदि लौ लगातार पीली दिखती है या कालिख बनती है, तो अधिकृत तकनीशियन से जांच कराएं।
बर्तन के अनुसार बर्नर चुनें: छोटे बर्तन के लिए बड़े बर्नर का इस्तेमाल करने से गर्मी किनारों से बाहर निकल सकती है। इसलिए छोटे बर्तनों के लिए छोटा बर्नर और बड़े बर्तनों के लिए उपयुक्त आकार का बर्नर चुनें।
दाल और राजमा भिगोकर पकाएं: चना, राजमा और कुछ दालों को पहले से भिगोने पर पकने का समय कम हो सकता है। इससे गैस की बचत में मदद मिल सकती है। हालांकि, विशेषकर राजमा को अच्छी तरह उबालकर पकाना जरूरी है।
प्रेशर कुकर का सही इस्तेमाल करें: दाल, चावल और अन्य उपयुक्त खाद्य पदार्थों को प्रेशर कुकर में पकाने से समय और ऊर्जा की बचत हो सकती है। कुकर का उपयोग हमेशा निर्माता के सुरक्षा निर्देशों के अनुसार करें।
क्या इन उपायों से गैस सिलेंडर 15 दिन ज्यादा चलेगा?
अक्सर दावा किया जाता है कि रसोई की कुछ आदतें बदलने से गैस सिलेंडर 10 से 15 दिन अधिक चल सकता है। हालांकि, ऐसी कोई निश्चित अवधि बताना सही नहीं होगा। सिलेंडर कितने दिनों तक चलेगा, यह परिवार के सदस्यों की संख्या, प्रतिदिन बनने वाले भोजन, चूल्हे की स्थिति और गैस इस्तेमाल करने के तरीके पर निर्भर करता है। इन उपायों से अनावश्यक गैस की खपत कम करने में मदद मिल सकती है, लेकिन हर परिवार को समान बचत नहीं होगी।
गैस लीकेज से बचना भी जरूरी
गैस की बचत के साथ सुरक्षा पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी है। खाना बनाने के बाद चूल्हे के नॉब और जरूरत के अनुसार रेगुलेटर बंद करें। गैस की पाइप और उसके कनेक्शन की समय-समय पर जांच कराएं। यदि गैस की गंध आए तो आग, माचिस या बिजली के स्विच का इस्तेमाल न करें। सुरक्षित तरीके से गैस की आपूर्ति बंद करें, दरवाजे और खिड़कियां खोलें तथा सुरक्षित स्थान से गैस एजेंसी या आपातकालीन सेवा से संपर्क करें। गैस सिलेंडर को लंबे समय तक चलाने के लिए महंगे उपकरण खरीदना जरूरी नहीं है। सही आंच पर खाना पकाना, पहले से तैयारी करना और बर्तन पर ढक्कन लगाना जैसी छोटी आदतें गैस की बर्बादी कम करने में मदद कर सकती हैं। इससे रसोई का काम आसान होगा और घरेलू बजट पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ भी कुछ हद तक कम हो सकता है।