Lifestyle लाइफस्टाइल : क्या आपने कभी किसी पैकेज्ड स्नैक या ड्रिंक पर लाल, हरे, काले या नीले रंग के डॉट्स (बिंदु) या निशान देखे हैं? ज़्यादातर लोग केवल हरे और लाल चिह्नों को ही पहचानते हैं — जो शाकाहारी और मांसाहारी उत्पादों को दर्शाते हैं — लेकिन बाजार में मौजूद प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड आइटम्स पर कुल पांच रंगों के निशान होते हैं, जिनका सीधा संबंध उनकी सामग्री और उपयोग की गई श्रेणियों से होता है।
भारत में FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) द्वारा इन संकेतों को अनिवार्य किया गया है ताकि उपभोक्ता जान सकें कि वे क्या खा रहे हैं।
1. हरा निशान — शाकाहारी (Vegetarian) : अगर किसी पैकेज पर हरे रंग का ठोस वर्गाकार डॉट (आमतौर पर सर्कल के भीतर) है, तो इसका मतलब है कि यह उत्पाद पूरी तरह शाकाहारी है — यानी इसमें मांस, अंडा, मछली या किसी भी तरह की जानवरों से प्राप्त सामग्री नहीं है।
2. लाल निशान — मांसाहारी (Non-Vegetarian) : लाल रंग का बिंदु इंगित करता है कि उत्पाद में मांस, अंडा या जानवरों से जुड़ी कोई सामग्री है। अंडे वाला बिस्किट, चिकन सूप या नॉन-वेज इंस्टेंट नूडल्स इसी कैटेगरी में आते हैं।
3. केसरिया/संतरी निशान — अंडा आधारित उत्पाद (Egg Based) : कुछ कंपनियां विशेष तौर पर अंडा-आधारित उत्पादों को दर्शाने के लिए केसरिया रंग का चिन्ह लगाती हैं। हालांकि यह अनिवार्य नहीं, पर कई ब्रांड पारदर्शिता के लिए इसे अपनाते हैं।
4. काला या काला चिह्न — कैफीन/नशीले तत्व (Caffeinated / Intoxicants) : कुछ एनर्जी ड्रिंक्स या सॉफ्ट ड्रिंक्स में कैफीन की मात्रा ज्यादा होती है। इन पर अक्सर काले रंग का चेतावनी चिह्न होता है, जिससे उपभोक्ता विशेष रूप से युवा और बच्चे सतर्क रहें।
5. नीला निशान — दूध/डेयरी उत्पाद (Dairy Based) : हाल ही में कई डेयरी ब्रांड्स नीले रंग का चिन्ह इस्तेमाल करने लगे हैं, जिससे उपभोक्ता जान सकें कि उत्पाद में दूध या उससे बनी सामग्री है। यह खासकर लैक्टोज इन्टॉलरेंट लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है।