आयुर्वेद के अनुसार दालचीनी के इस्तेमाल से कई तरह के रोगों का इलाज किया जा सकता है। इसका सेवन हमें न केवल कई प्रकार की बीमारियों से बचाता है बल्कि वजन को नियंत्रित करने से लेकर जोड़ों के दर्द तक में फायदा पहुंचाता है। आप वात, कफ और पित्त के मरीजों के लिए तीन तरीके से दालचीनी का इस्तेमाल कर सकते है। आइए जानते हैं कैसे?

दो ग्राम दालचीनी, एक ग्राम सौंठ और दो गिलास पानी लें। इस मिश्रण को तब तक उबालें जब तक वह पककर एक कप न रह जाए। इस काढ़े का खाली पेट सेवन करें। ऐसा करने से हर तरह की खांसी में राहत मिलती है।

जिन लोगों को कफ की समस्या है, उनके लिए दालचीनी को कुछ इस तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। ढ़ाई से तीन ग्राम दालचीनी की मात्रा में थोड़ा सा शहद मिला लें। इसे रोज़ सुबह खाली पेट लें। ऐसा करने से कफ में आराम मिलेगा।

अगर आप जोड़ों की समस्या से जूझ रहे हैं तो दालचीनी आपको फायदा पहुंचा सकती है। इसके लिए तीन ग्राम दालचीनी को 10 ग्राम गुड़ में मिलाकर, सुबह, शाम और दोपहर में कुछ दिन तक नियमित तौर पर खाएं। जोड़ों के दर्द में आराम मिलने लगेगा। इसके सेवन से सभी प्रकार की वात समस्याएं दूर हो जाती हैं।

वजन कम करने के लिए आप दाल चीनी वाली चाय या काढ़ा पी सकते हैं या फिर इसके पाउडर को दूध में मिलाकर पिएं। दालचीनी में मौजूद एंटी ओबेसिटी तत्व मोटापे से बचाता है।

कभी-कभी सर्दी की वजह से या फिर ठंड लगने के कारण सिर में दर्द होने लगता है। ऐसे में दालचीनी का लेप काफी लाभदायक हो सकता। आप दालचीनी के तेल को हल्का सा गर्म करके सिर में मसाज भी कर सकते हैं।

डायबिटीज़ को नियंत्रित करने और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए दालचीनी को आहार में शामिल कर लें। इसमें मौजूद एंटी डायबिटिक गुण और एंटीमाइक्रोबियल जैसे तत्व सेहत को दुरुस्त बनाए रखने में सहायक हैं।


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