लाइफ स्टाइल : आज के समय में लैपटॉप का इस्तेमाल पढ़ाई, ऑफिस के काम, ऑनलाइन मीटिंग और मनोरंजन से लेकर कई तरह के कामों के लिए किया जाता है। कई लोग रोजाना 8 से 10 घंटे तक लैपटॉप पर काम करते हैं। लंबे समय तक इस्तेमाल के कारण स्क्रीन पर धीरे-धीरे धूल, मिट्टी और उंगलियों के निशान जमा होने लगते हैं। कई बार स्क्रीन इतनी गंदी हो जाती है कि तस्वीर धुंधली दिखाई देने लगती है। ऐसी स्थिति में लोग अक्सर लैपटॉप की स्क्रीन को सामान्य शीशे या टीवी स्क्रीन की तरह साफ करने लगते हैं, लेकिन ऐसा करना महंगा पड़ सकता है। सफाई के दौरान की गई छोटी सी गलती स्क्रीन की प्रोटेक्टिव लेयर को नुकसान पहुंचा सकती है और लैपटॉप को सर्विस सेंटर तक ले जाने की नौबत आ सकती है।
लैपटॉप की स्क्रीन साफ करते समय सबसे पहली सावधानी यह है कि सफाई शुरू करने से पहले लैपटॉप को पूरी तरह बंद कर दें। केवल स्क्रीन बंद करना या लैपटॉप को स्लीप मोड में डालना पर्याप्त नहीं है। पावर बटन से सिस्टम को ऑफ करने के बाद उसे कुछ देर ठंडा होने दें। इससे सफाई के दौरान किसी तरह की परेशानी का जोखिम कम रहता है। स्क्रीन के ठंडी होने के बाद ही सफाई शुरू करनी चाहिए।
स्क्रीन की सफाई के लिए सबसे बेहतर विकल्प माइक्रोफाइबर कपड़ा माना जाता है। यह कपड़ा स्क्रीन पर धूल और उंगलियों के निशान हटाने में मदद करता है और सामान्य कपड़े की तुलना में स्क्रीन पर खरोंच पड़ने का खतरा कम करता है। स्क्रीन साफ करते समय बहुत ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए। हल्के हाथ से स्क्रीन को पोछें और जरूरत के अनुसार एक से अधिक बार सफाई कर सकते हैं।
अगर स्क्रीन पर केवल धूल जमी है तो सामान्य तौर पर सूखे माइक्रोफाइबर कपड़े से सफाई की जा सकती है। वहीं, अगर स्क्रीन पर जिद्दी दाग या उंगलियों के निशान हैं तो माइक्रोफाइबर कपड़े पर थोड़ी मात्रा में डिस्टिल्ड वाटर लगाकर स्क्रीन साफ की जा सकती है। ध्यान रखें कि पानी सीधे स्क्रीन पर नहीं डालना है। कपड़ा केवल हल्का नम होना चाहिए और स्क्रीन पर ज्यादा नमी नहीं होनी चाहिए।
कई लोग स्क्रीन की सफाई के लिए लिक्विड क्लीनर का इस्तेमाल करते हैं। अगर ऐसा कर रहे हैं तो किसी भी लिक्विड को सीधे स्क्रीन पर स्प्रे करने से बचना चाहिए। लिक्विड को पहले माइक्रोफाइबर कपड़े पर बहुत कम मात्रा में लगाएं और फिर उसी कपड़े से स्क्रीन को धीरे-धीरे साफ करें। स्क्रीन पर ज्यादा मात्रा में केमिकल या पानी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ज्यादा नमी स्क्रीन के किनारों या अन्य हिस्सों में पहुंचकर लैपटॉप को नुकसान पहुंचा सकती है।
लैपटॉप स्क्रीन की सफाई के दौरान कुछ गलतियों से विशेष रूप से बचना जरूरी है। स्क्रीन को साफ करने के लिए पेपर टॉवेल या टिश्यू का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इनसे स्क्रीन पर छोटे खरोंच पड़ने का खतरा रहता है। इसके अलावा एल्कोहल आधारित या अमोनिया आधारित क्लीनर का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये स्क्रीन की प्रोटेक्टिव लेयर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सबसे बड़ी गलती किसी भी लिक्विड को सीधे स्क्रीन पर स्प्रे करना है। ऐसा करने पर लिक्विड स्क्रीन के किनारों से अंदर जा सकता है और लैपटॉप के इलेक्ट्रॉनिक हिस्सों को नुकसान पहुंचा सकता है।
स्क्रीन को बार-बार गंदा होने से बचाने के लिए भी कुछ आसान सावधानियां अपनाई जा सकती हैं। लैपटॉप बंद करते समय कीबोर्ड और स्क्रीन के बीच एक पतला माइक्रोफाइबर कपड़ा रखा जा सकता है। अगर लैपटॉप का लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करना है तो उसे कवर करके रखना बेहतर होता है। इससे स्क्रीन पर धूल और मिट्टी जमा होने की संभावना कम होती है।
इसके अलावा लैपटॉप के आसपास खाना-पीना भी नहीं चाहिए। खाने के छोटे कण और तरल पदार्थ लैपटॉप के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। स्क्रीन को बार-बार उंगलियों से छूने से भी बचना चाहिए। उंगलियों के निशान लगातार जमा होने से स्क्रीन जल्दी गंदी दिखाई देने लगती है।
कुल मिलाकर लैपटॉप स्क्रीन की सफाई मुश्किल काम नहीं है, लेकिन इसमें सावधानी बेहद जरूरी है। माइक्रोफाइबर कपड़े का इस्तेमाल, हल्के हाथ से सफाई और लिक्विड को सीधे स्क्रीन पर न डालना जैसी छोटी सावधानियां अपनाकर स्क्रीन को साफ रखा जा सकता है। वहीं, टिश्यू, पेपर टॉवेल, तेज केमिकल और सीधे लिक्विड स्प्रे जैसी गलतियों से बचना चाहिए। इससे लैपटॉप की स्क्रीन की सुरक्षा बनी रहेगी और अनावश्यक रिपेयर खर्च से भी बचा जा सकता है।