लाइफ स्टाइल : आंखों के नीचे काले घेरे यानी डार्क सर्कल चेहरे की पूरी रौनक को कम कर सकते हैं। कई बार व्यक्ति पर्याप्त नींद लेने के बावजूद डार्क सर्कल की समस्या से परेशान रहता है। इससे चेहरा थका हुआ और उम्र से ज्यादा बड़ा नजर आ सकता है। ऐसे में इन्हें छिपाने के लिए रोज मेकअप का सहारा लेना हर किसी के लिए संभव नहीं होता। हालांकि, डार्क सर्कल को कम दिखाने के लिए रोजमर्रा की कुछ आसान आदतों और स्किन केयर में छोटे बदलाव किए जा सकते हैं।
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति में डार्क सर्कल की वजह एक जैसी नहीं होती। कुछ लोगों में इसकी वजह नींद की कमी या थकान हो सकती है, जबकि एलर्जी, धूप के संपर्क में ज्यादा रहना, आंखों को बार-बार रगड़ना, त्वचा का प्राकृतिक रंग या आंखों के आसपास की त्वचा का पतला होना भी इसकी वजह बन सकता है। इसलिए केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय समस्या के संभावित कारण को समझना भी जरूरी है।
डार्क सर्कल के साथ आंखों के नीचे सूजन भी रहती है तो ठंडी सिकाई कुछ समय के लिए राहत दे सकती है। इसके लिए दो साफ चम्मचों को कुछ देर फ्रिज में रखा जा सकता है। ठंडे होने के बाद उन्हें बंद आंखों पर हल्के हाथ से कुछ मिनट के लिए रखें। इससे आंखों के आसपास की सूजन कम दिखाई दे सकती है और चेहरा थोड़ा फ्रेश नजर आ सकता है। आंखों पर बहुत ज्यादा ठंडा सामान सीधे रखने से बचना चाहिए।
ठंडे टी बैग्स का इस्तेमाल भी कुछ लोग आंखों के आसपास की थकान और सूजन कम दिखाने के लिए करते हैं। इस्तेमाल किए हुए ग्रीन या ब्लैक टी बैग्स को अच्छी तरह ठंडा करके बंद आंखों पर कुछ मिनट रखा जा सकता है। इस दौरान ध्यान रखें कि टी बैग साफ हो और चाय आंखों के अंदर न जाए। अगर आंखों में जलन या संवेदनशीलता महसूस हो तो इसे तुरंत हटा दें।
सुबह आंखों के नीचे सूजन और थकान ज्यादा दिखाई देती है तो कैफीन वाले आई केयर प्रोडक्ट्स भी इस्तेमाल किए जाते हैं। कैफीन कुछ समय के लिए आंखों के आसपास की सूजन को कम दिखाने में मदद कर सकता है। हालांकि, किसी भी नए प्रोडक्ट को आंखों के आसपास लगाने से पहले उसकी सामग्री और अपनी त्वचा की संवेदनशीलता का ध्यान रखना जरूरी है।
स्किन केयर रूटीन में विटामिन C जैसे उत्पाद भी शामिल किए जा सकते हैं। विटामिन C त्वचा को अधिक ब्राइट और समान टोन वाला दिखाने में मदद कर सकता है। लेकिन इसे आंखों के बिल्कुल पास या आंख के अंदर नहीं लगाना चाहिए। आंखों के आसपास की त्वचा के लिए बनाए गए उत्पादों का इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
आंखों के नीचे की त्वचा बेहद नाजुक और पतली होती है। ज्यादा ड्राईनेस होने पर फाइन लाइंस और डार्क एरिया अधिक स्पष्ट दिखाई दे सकते हैं। इसलिए आंखों के आसपास हल्का मॉइस्चराइजर या उपयुक्त आई क्रीम लगाकर त्वचा में नमी बनाए रखना जरूरी है। इसके अलावा दिन के समय त्वचा को धूप से बचाना भी महत्वपूर्ण है। आंखों के आसपास इस्तेमाल के लिए सुरक्षित सनस्क्रीन का चयन करें और इसे सावधानी से लगाएं।
डार्क सर्कल कम दिखाने के लिए सिर्फ स्किन केयर ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतों पर भी ध्यान देना जरूरी है। पर्याप्त नींद इनमें सबसे महत्वपूर्ण है। लगातार कम सोने से आंखें थकी हुई दिखाई दे सकती हैं और आंखों के नीचे का हिस्सा ज्यादा गहरा नजर आ सकता है। इसलिए रोज करीब सात से आठ घंटे की पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें।
शरीर में पानी की कमी होने पर त्वचा रूखी और मुरझाई हुई दिखाई दे सकती है। ऐसे में आंखों के नीचे के काले घेरे भी अधिक नजर आ सकते हैं। इसलिए पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। हालांकि, पानी की जरूरत व्यक्ति की उम्र, मौसम, गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
एक और जरूरी आदत है आंखों को बार-बार न रगड़ना। एलर्जी या खुजली के कारण कई लोग आंखों को लगातार रगड़ते हैं। इससे आंखों के आसपास की नाजुक त्वचा में जलन और नुकसान हो सकता है, जिससे डार्क सर्कल अधिक स्पष्ट दिखाई दे सकते हैं। अगर आंखों में लगातार खुजली, लालिमा या पानी आने की समस्या रहती है तो इसके कारण का इलाज कराना जरूरी है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि डार्क सर्कल हमेशा केवल कम नींद की वजह से नहीं होते। अगर पर्याप्त नींद, बेहतर खान-पान और स्किन केयर के बावजूद समस्या लंबे समय तक बनी रहती है या अचानक बढ़ जाती है, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। सही कारण पता चलने के बाद ही उसके अनुसार उचित उपचार और स्किन केयर अपनाई जा सकती है।
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