मानसून में पौधों की देखभाल जरूरी, जड़ों को सड़ने से बचाने के आसान उपाय जानें
हरा-भरा गार्डन चाहिए तो बरसात में करें सही देखभाल, जड़ सड़ने से रोकने के उपाय
नई दिल्ली: बारिश का मौसम पौधों के लिए जहां हरियाली और नई growth लेकर आता है, वहीं ज्यादा नमी कई पौधों के लिए परेशानी भी बन सकती है। बरसात में अक्सर पौधों की जड़ें सड़ने (Root Rot) लगती हैं, जिससे पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और पौधा धीरे-धीरे कमजोर हो जाता है।
बरसात में क्यों सड़ती हैं पौधों की जड़ें?
बारिश के दौरान मिट्टी में जरूरत से ज्यादा पानी जमा हो जाता है। इससे जड़ों तक हवा (ऑक्सीजन) नहीं पहुंच पाती और जड़ें कमजोर होकर सड़ने लगती हैं। इसके अलावा ज्यादा नमी में फंगस और बैक्टीरिया भी तेजी से बढ़ते हैं, जो पौधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
गार्डन को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये 5 उपाय
1. गमलों में जल निकासी अच्छी रखें
गमले के नीचे छेद जरूर होने चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके। पानी जमा रहने से जड़ों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है।
2. मिट्टी को ज्यादा गीला न रखें
बारिश के मौसम में पौधों को अतिरिक्त पानी देने से बचें। मिट्टी की ऊपरी परत सूखी लगे तभी जरूरत के अनुसार पानी दें।
3. सही मिट्टी का इस्तेमाल करें
ऐसी मिट्टी का उपयोग करें जिसमें पानी आसानी से निकल सके। मिट्टी में रेत, कोकोपीट या जैविक खाद मिलाने से जल निकासी बेहतर हो सकती है।
4. खराब पत्तियां और जड़ें हटाएं
अगर किसी पौधे की पत्तियां पीली या सड़ी हुई दिखें तो उन्हें हटा दें। इससे बीमारी फैलने का खतरा कम होता है।
5. पौधों को पर्याप्त धूप और हवा दें
बारिश के दिनों में भी पौधों को ऐसी जगह रखें जहां उन्हें थोड़ी धूप और हवा मिल सके। इससे अतिरिक्त नमी कम होती है और पौधे स्वस्थ रहते हैं।
जड़ सड़ने के संकेत पहचानें
पत्तियों का पीला होना
पौधे का अचानक मुरझाना
मिट्टी से बदबू आना
तने का कमजोर होना
जड़ों का काला या नरम पड़ जाना
बरसात में रखें खास ध्यान
मानसून में पौधों की देखभाल का सबसे जरूरी नियम है "कम पानी, बेहतर निकासी और पर्याप्त हवा"। सही देखभाल से बारिश के मौसम में भी आपका गार्डन हरा-भरा और खूबसूरत बना रह सकता है।