बदलते मौसम में स्वस्थ रहने के लिए अस्थमा के मरीज इन बातों का रखें ध्यान

बदलते मौसम में सेहतमंद रहना किसी चुनौती से कम नहीं है। खासकर, अस्थमा के मरीजों के लिए यह और भी कठिन है

Update: 2022-08-25 11:16 GMT

जनता से रिश्ता वेबडेस्क।     बदलते मौसम में सेहतमंद रहना किसी चुनौती से कम नहीं है। खासकर, अस्थमा के मरीजों के लिए यह और भी कठिन है। इसके लिए अस्थमा के मरीजों को अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देना पड़ता है। इस मौसम में एलर्जी संबंधी परेशानियों का खतरा बढ़ जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो 250 मिलियन अस्थमा से पीड़ित हैं, जिनमें 3 प्रतिशत भारतीय हैं। अस्थमा के मरीजों की संख्या में रोजाना इजाफा हो रहा है। डॉक्टर की मानें तो अस्थमा लंबे समय तक रहने वाली बीमारी है । यह एक श्वसन संबंधी रोग है। इस स्थिति में रोगी को सांस लेने में तकलीफ और सीने में दबाव महसूस होता है। साथ ही खांसी की भी समस्या होती है। यह बीमारी श्वसन नलियों में अवरोध पैदा होने से होती है। ये रुकावट हवा, प्रदूषण और कफ से आती है। अस्थमा का पूरी तरह से इलाज नहीं है। हालांकि, उचित उपचार से अस्थमा को रोका जा सकता है। अगर आप भी अस्थमा के मरीज हैं, तो बदलते मौसम में सेहतमंद रहने के लिए इन बातों का जरूर ध्यान रखें। आइए जानते हैं-

-धूम्रपान न करें। जानकारों की मानें तो धूम्रपान करने से अस्थमा का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए जरूरी है कि धूम्रपान बिल्कुल न करें। किसी भी प्रकार से तंबाकू के सेवन से बचें। साथ ही प्रदूषित जगहों पर जाने से बचें।
-एलर्जी फ्री वातावरण में रहें। अगर आप प्रदूषित जगह पर रहते हैं, तो अस्थमा में आराम नहीं मिलता है, बल्कि बढ़ जाता है। इससे बचाव के लिए दरवाजे और खिड़कियों को हमेशा के लिए बंद रखें या हमेशा मास्क पहनकर रहें। इससे अस्थमा में आराम मिलता है। वहीं, एलर्जी का खतरा नहीं रहता है।
-बदलते मौसम में असमान्य तापमान के चलते सर्दी-खांसी का खतरा बढ़ जाता है। इस मौसम में सेहत का विशेष ख्याल रखें। वहीं, सर्दी, खांसी और फ्लू से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। संक्रमण से बचाव के लिए नियमित रूप से अपने हाथों को साफ पानी से धोएं। एलर्जी से बचाव के लिए एलर्जी शॉट अवश्य लें। वैक्सीन से अस्थमा कंट्रोल में रहता है।

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