AI के गलत इस्तेमाल पर भड़कीं Rashmika Mandanna, बोलीं- महिलाओं को किया जा रहा टारगेट
Entertainment ,मनोरंजन : बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री रश्मिका मंदाना ने हाल ही में एआई (Artificial Intelligence) के गलत इस्तेमाल को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में एआई का दुरुपयोग महिलाओं को टारगेट करने और उनकी निजता भंग करने के लिए किया जा रहा है। रश्मिका ने इस मामले को गंभीरता से लिया और सोशल मीडिया के जरिए इस पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की।
रश्मिका ने अपने बयान में कहा, “AI तकनीक आज बहुत तेजी से विकसित हो रही है, लेकिन इसके गलत इस्तेमाल से महिलाओं के खिलाफ खतरनाक ट्रेंड बन रहा है। हम देख रहे हैं कि किस तरह से कुछ लोग मेरी और अन्य महिलाओं की छवियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। यह सिर्फ मेरी ही नहीं बल्कि हर महिला की सुरक्षा और सम्मान के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।”
अभिनेत्री ने आगे कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और टेक कंपनियों को जिम्मेदारी लेते हुए इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा, “महिलाओं को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है। तकनीक का सही इस्तेमाल समाज के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन जब इसे गलत दिशा में इस्तेमाल किया जाता है, तो यह गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है।”
रश्मिका के अनुसार, एआई की मदद से बनायी गई फेक इमेजेस और वीडियो महिलाओं की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई बार उनके फैंस और मीडिया के लोग उनसे सवाल करते हैं कि क्या यह सच में उन्होंने किया या नहीं। ऐसे मामलों में न केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान प्रभावित होता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है।
अभिनेत्री ने कहा कि यह केवल उनके साथ ही नहीं हो रहा, बल्कि इंडस्ट्री की कई महिलाओं के साथ भी हो रहा है। “मैं चाहती हूं कि टेक कंपनियां और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मिलकर ऐसे टूल्स तैयार करें जो महिलाओं की निजता की रक्षा करें। हमें सख्त कानून और तकनीकी उपायों की जरूरत है ताकि AI का गलत इस्तेमाल रोक जा सके।”
रश्मिका ने अपनी चिंता को और आगे बढ़ाते हुए कहा कि इस विषय पर जागरूकता फैलाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आम जनता को भी यह समझना होगा कि डिजिटल दुनिया में किसी की छवि का दुरुपयोग करना गंभीर अपराध है। “हमें इस बात की शिक्षा देने की जरूरत है कि महिलाओं की निजता और सम्मान पर कोई भी हाथ नहीं डाल सकता। एआई को सकारात्मक और रचनात्मक दिशा में इस्तेमाल करना चाहिए, न कि डराने और नुकसान पहुँचाने के लिए।”
इस मामले पर कई विशेषज्ञ भी सहमत हैं कि एआई तकनीक तेजी से विकसित हो रही है, लेकिन इसके दुरुपयोग की घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है। डिजिटल सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि फेक इमेजेस और वीडियो न केवल व्यक्तिगत पहचान को प्रभावित करते हैं, बल्कि सामाजिक और कानूनी जटिलताओं को भी जन्म देते हैं।
रश्मिका मंदाना की इस प्रतिक्रिया ने एक बार फिर एआई के सुरक्षित और नैतिक इस्तेमाल पर बहस को जोर दिया है। कई फैंस और सोशल मीडिया यूज़र्स ने उनकी पोस्ट पर समर्थन व्यक्त किया और कहा कि महिलाओं को ऑनलाइन सुरक्षित रखना हर किसी की जिम्मेदारी है।
अभिनेत्री ने अंत में कहा, “मेरा मकसद सिर्फ यह बताना है कि हम इस दिशा में गंभीर हैं और महिलाओं को ऑनलाइन सुरक्षित रखने के लिए आवाज उठाने की जरूरत है। हमें मिलकर AI के सही और नैतिक इस्तेमाल को सुनिश्चित करना होगा।”
इस तरह, रश्मिका मंदाना ने न केवल अपने अनुभव साझा किए, बल्कि समाज में एक जरूरी संदेश भी दिया कि तकनीक का दुरुपयोग किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है। उनके इस बयान ने इंडस्ट्री और आम जनता दोनों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि डिजिटल सुरक्षा और महिलाओं की सुरक्षा दोनों को समान महत्व देना चाहिए।