तेलुगु फिल्म ‘हनुमान’ की सफलता से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा सामने आया है। फिल्म के प्रोड्यूसर ने बताया कि एक समय ऐसा लगने लगा था कि फिल्म सिनेमाघरों से लगभग बाहर हो जाएगी। इसकी स्क्रीन संख्या 350 से घटकर महज 25-30 रह गई थी। इसी दौरान ‘टॉक्सिक’ जैसी बड़ी फिल्म की रिलीज को लेकर टीम के सामने चुनौती और बढ़ गई थी।
प्रोड्यूसर के मुताबिक, शुरुआत में ‘हनुमान’ को जितनी स्क्रीन मिली थीं, उनमें लगातार बदलाव होता रहा। फिल्म के सामने बड़ी फिल्मों की रिलीज और थिएटर स्क्रीन की उपलब्धता एक चुनौती बनी रही। एक समय स्क्रीन की संख्या इतनी कम हो गई कि टीम को फिल्म के आगे के प्रदर्शन को लेकर चिंता होने लगी थी।
‘हनुमान’ प्रशांत वर्मा के निर्देशन में बनी सुपरहीरो फिल्म है। तेजा सज्जा इसमें मुख्य भूमिका में नजर आए थे। फिल्म भारतीय पौराणिक संदर्भों और सुपरहीरो कहानी के मेल के कारण दर्शकों के बीच चर्चा में आई थी। सीमित संसाधनों के बावजूद फिल्म ने अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश की और दर्शकों से प्रतिक्रिया हासिल की।
प्रोड्यूसर ने बताया कि टीम को उस समय यह उम्मीद नहीं थी कि फिल्म बड़ी रिलीज के सामने लंबे समय तक टिक पाएगी। स्क्रीन घटकर 25-30 तक पहुंचने के बाद भी फिल्म को दर्शकों का समर्थन मिलता रहा। इसी वजह से फिल्म की स्क्रीन संख्या और शो को लेकर परिस्थितियां आगे चलकर बदलीं।
किसी फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन में स्क्रीन संख्या का बड़ा महत्व होता है। शुरुआत में ज्यादा स्क्रीन मिलने से फिल्म को अधिक दर्शकों तक पहुंचने का मौका मिलता है। लेकिन यदि स्क्रीन कम हो जाएं तो शो की संख्या भी प्रभावित होती है। ऐसे में कम स्क्रीन पर भी दर्शकों की रुचि बनाए रखना किसी फिल्म के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है।
‘हनुमान’ की चर्चा इसके कंटेंट और अलग तरह की कहानी को लेकर भी हुई थी। फिल्म ने पौराणिक तत्वों को सुपरहीरो शैली के साथ जोड़ने का प्रयास किया। तेजा सज्जा के अभिनय और प्रशांत वर्मा के निर्देशन की भी दर्शकों के एक वर्ग ने सराहना की।
प्रोड्यूसर के बयान से यह भी सामने आता है कि किसी फिल्म की बॉक्स ऑफिस यात्रा हमेशा केवल शुरुआती स्क्रीन संख्या पर निर्भर नहीं करती। दर्शकों की प्रतिक्रिया, शो की मांग और थिएटर मालिकों का निर्णय भी फिल्म के रन को प्रभावित करता है।
‘टॉक्सिक’ जैसी बड़ी फिल्म के सामने स्क्रीन को लेकर चुनौती का जिक्र करते हुए प्रोड्यूसर ने अपने अनुभव को साझा किया। उनके अनुसार टीम ने उस समय शायद ही सोचा था कि ‘हनुमान’ इतनी कम स्क्रीन के बावजूद मुकाबला कर पाएगी। हालांकि बाद में फिल्म को दर्शकों का समर्थन मिला और उसका प्रदर्शन चर्चा का विषय बना।
यह पूरा किस्सा बताता है कि थिएटर में किसी फिल्म की जगह कई बार रिलीज शेड्यूल और स्क्रीन उपलब्धता से बदल सकती है। वहीं दर्शकों की मांग बनी रहने पर कम स्क्रीन वाली फिल्म भी सिनेमाघरों में अपना रन जारी रख सकती है।
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