40 की उम्र में मां बनने पर श्रुति हासन ने खुलकर की बात
श्रुति हासन बोलीं मां बनने के लिए गोद लेने को भी तैयार
बॉलीवुड और साउथ फिल्मों की अभिनेत्री श्रुति हासन ने मातृत्व, बढ़ती उम्र और बच्चा गोद लेने को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। 40 साल की उम्र में मां बनने के सवाल पर अभिनेत्री ने कहा कि वह भविष्य में मातृत्व को लेकर अपने विकल्प खुले रखना चाहती हैं और जरूरत पड़ने पर बच्चा गोद लेने के लिए भी तैयार हैं। श्रुति पहले भी PCOS यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम से जुड़ी अपनी स्वास्थ्य यात्रा के बारे में सार्वजनिक रूप से बात कर चुकी हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रुति ने बातचीत के दौरान कहा कि महिलाओं पर शादी और बच्चे को लेकर समाज की ओर से अक्सर एक तय समयसीमा का दबाव बनाया जाता है। लेकिन उनका मानना है कि मातृत्व का फैसला बेहद व्यक्तिगत होता है और हर महिला को अपनी परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने का अधिकार होना चाहिए।
श्रुति ने कहा कि वह मां बनने के विचार से दूर नहीं हैं। उन्होंने गोद लेने के विकल्प का जिक्र करते हुए संकेत दिया कि उनके लिए परिवार बनाने का केवल एक ही रास्ता नहीं है। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींचा है, जहां मातृत्व, प्रजनन स्वास्थ्य और गोद लेने जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है।
अभिनेत्री PCOS को लेकर भी पहले खुलकर बात करती रही हैं। PCOS एक हार्मोनल स्थिति है, जो अलग-अलग महिलाओं को अलग तरह से प्रभावित कर सकती है। इससे मासिक धर्म की अनियमितता, हार्मोन संबंधी बदलाव और कुछ मामलों में गर्भधारण से जुड़ी मुश्किलें हो सकती हैं। हालांकि PCOS होने का अर्थ यह नहीं है कि कोई महिला मां नहीं बन सकती। व्यक्तिगत स्थिति और उपचार के आधार पर परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं।
श्रुति ने अपने स्वास्थ्य को लेकर पहले भी फिटनेस, खानपान और जीवनशैली पर ध्यान देने की बात कही है। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को लेकर खुलकर बात करने की जरूरत पर जोर दिया है। उनका मानना रहा है कि PCOS जैसी स्थितियों को लेकर शर्मिंदगी महसूस करने के बजाय इनके बारे में सही जानकारी और चिकित्सा सलाह लेना जरूरी है।
मातृत्व को लेकर श्रुति का नजरिया पारंपरिक सामाजिक अपेक्षाओं से अलग व्यक्तिगत पसंद पर केंद्रित दिखाई देता है। उनका कहना है कि यदि भविष्य में परिस्थितियां वैसी बनती हैं तो वह जैविक रूप से मां बनने के साथ-साथ गोद लेने जैसे विकल्प पर भी विचार कर सकती हैं।
अभिनेत्री की इस बातचीत के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने महिलाओं पर उम्र, शादी और मातृत्व को लेकर बनाए जाने वाले दबाव पर अपनी राय रखी। कुछ लोगों ने उनके खुलेपन की सराहना भी की।
श्रुति हासन का बयान एक बार फिर इस चर्चा को सामने लाता है कि मातृत्व का फैसला किसी तय उम्र या सामाजिक दबाव के आधार पर नहीं, बल्कि महिला की व्यक्तिगत इच्छा, स्वास्थ्य और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर होना चाहिए