Written by जनसत्ता: उत्तर प्रदेश सरकार ने अपात्र लोगों से राशनकार्ड 20 मई तक जमा करने का निर्देश जारी किया है। मगर रंगीन टीवी और बाइक की शर्त अंत्योदय और गृहस्थी कार्ड धारकों के लिए उचित नहीं है। कुछ गरीब लोगों को दहेज में रंगीन टीवी और बाइक मिली है, जिनसे कोई आय नहीं होती। तमाम लोग बाइक से मजदूरी करने बाइक से सस्ते में चले जाते हैं।

फैक्टरी में भी मजदूरी पांच से छह हजार मासिक में काम करते हैं। बाइक और रंगीन टीवी की शर्त से गरीब आदमी असमंजस में है। सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों के गरीबों के लिए इस शर्त को हटाने पर विचार करना चाहिए। अपात्रों के राशनकार्ड बनाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सबसे पहले कार्रवाई होनी चाहिए। अधिकारियों की जवाबदेही के अभाव में योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती हैं।

 

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