नई दिल्ली। भारत और बेल्जियम ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेव के बीच हुई उच्च स्तरीय बातचीत के बाद व्यापार, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने आपसी संबंधों को नई दिशा देने और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त मीडिया बयान में भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की तेज आर्थिक वृद्धि दुनिया के लिए भरोसे और नए अवसरों का स्रोत बन रही है। उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के बीच संबंध लंबे समय से विश्वास और साझा हितों पर आधारित रहे हैं।
पीएम मोदी ने हाल की तिमाही में भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक विकास दर का जिक्र करते हुए कहा कि मजबूत अर्थव्यवस्था वैश्विक साझेदारों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत लगातार सुधारों और नवाचार के माध्यम से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इसमें व्यापार और निवेश बढ़ाने के साथ-साथ रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमति बनी।
भारत और बेल्जियम के बीच महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी बातचीत हुई। आधुनिक उद्योगों और नई तकनीकों के लिए जरूरी खनिजों की उपलब्धता को देखते हुए दोनों देशों ने इस क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने की इच्छा जताई।
स्वच्छ ऊर्जा और हरित तकनीक भी वार्ता का अहम विषय रहा। दोनों देशों ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और टिकाऊ ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक और नवाचार जैसे क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर विचार किया गया।
बेल्जियम यूरोप में भारत का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए नए क्षेत्रों की पहचान की जा रही है।
प्रधानमंत्री बार्ट डी वेव ने भी भारत के साथ संबंधों को महत्वपूर्ण बताया और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति और वैश्विक भूमिका की सराहना की।
बैठक में दोनों पक्षों ने वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। भारत और बेल्जियम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और समन्वय बढ़ाने की बात कही।
रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का फैसला ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब दोनों देश सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर ध्यान दे रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत और बेल्जियम के बीच बढ़ता सहयोग यूरोप के साथ भारत की आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत कर सकता है। बेल्जियम की तकनीकी क्षमता और भारत का बड़ा बाजार दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
भारत लगातार यूरोपीय देशों के साथ व्यापार, तकनीक और निवेश संबंधों को विस्तार दे रहा है। बेल्जियम के साथ नई साझेदारियां इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।
दोनों देशों के बीच क्लीन एनर्जी और जरूरी खनिजों को लेकर सहयोग भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए अहम माना जा रहा है। इन क्षेत्रों में साझेदारी से उद्योगों और नई तकनीकों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध आने वाले समय में और मजबूत होंगे। उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
वार्ता के बाद दोनों देशों ने उम्मीद जताई कि नए सहयोग क्षेत्रों से द्विपक्षीय संबंधों में और विस्तार होगा और आर्थिक साझेदारी को नई गति मिलेगी।