नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फर्जी कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) दान मामले में बुधवार को देश के चार राज्यों में आठ ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। ईडी के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय की टीम महाराष्ट्र में पांच, पश्चिम बंगाल में एक, गुजरात में एक और दिल्ली-एनसीआर में एक स्थान पर तलाशी ले रही है। यह कार्रवाई डॉ. धर्मेंद्र कुमार और अन्य के खिलाफ दर्ज मामले में की जा रही है।

ईडी की तलाशी में बाजार संचालकों, ट्रस्टियों और बिचौलियों से जुड़े परिसरों को शामिल किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, अब तक की प्रारंभिक जांच में सैकड़ों करोड़ रुपये का कथित फर्जी सीएसआर नेटवर्क सामने आया है। इस नेटवर्क के जरिए अनिवार्य सीएसआर योगदान की राशि को कमीशन लेकर संबंधित कंपनियों या दानदाताओं तक वापस पहुंचाने की व्यवस्था किए जाने का पता चला है।

जांच के दौरान ईडी को ऐसे ट्रस्टों के गठन के बारे में जानकारी मिली है, जिन्हें कथित तौर पर सीएसआर राशि को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने और अंततः दानदाताओं तक वापस भेजने के लिए विशेष रूप से बनाया गया था। एजेंसी के अनुसार, इन ट्रस्टों के माध्यम से सीएसआर के नाम पर दी गई राशि को कमीशन काटकर वापस दानदाताओं तक पहुंचाया जाता था।

ईडी के अनुसार, तलाशी के दायरे में इस कथित नेटवर्क से जुड़े बाजार संचालक, ट्रस्टी और बिचौलिये शामिल हैं। इन परिसरों से मिले दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है। उपकरणों की फॉरेंसिक जांच और उनसे प्राप्त जानकारी के आधार पर मामले में आगे की कड़ियां जोड़ने का काम किया जा रहा है। ईडी ने कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच और मामले में आगे की पूछताछ जारी है।

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