नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की एंटी-नारकोटिक्स सेल और हौज काजी थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अजमेरी गेट इलाके से 28 वर्षीय युवक को प्रतिबंधित निकोटीन युक्त इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान अजमेरी गेट निवासी शाहजेब के रूप में हुई है। उसके कब्जे से कथित तौर पर प्रतिबंधित ई-सिगरेट बरामद की गई हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एंटी-नारकोटिक्स सेल को अजमेरी गेट इलाके में प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट रखे जाने और उनकी अवैध गतिविधियों से जुड़ी पुख्ता सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर एक विशेष टीम का गठन किया गया और स्थानीय हौज काजी थाना पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया गया।
जानकारी के मुताबिक 29 सितंबर की रात करीब 9 बजे शाहगंज, अजमेरी गेट इलाके में संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर संदिग्ध स्थान पर निगरानी बढ़ाई और वहां मौजूद व्यक्ति की गतिविधियों पर नजर रखी। इसके बाद पुलिस ने शाहजेब को हिरासत में लेकर उसकी तलाशी ली।
तलाशी के दौरान उसके पास से निकोटीन युक्त इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट मिलने की बात सामने आई। ये ई-सिगरेट प्रतिबंधित श्रेणी में आती हैं। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और बरामद सामान को जब्त कर लिया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पास प्रतिबंधित ई-सिगरेट कहां से आई थीं और क्या वह इन्हें केवल अपने पास रखे हुए था या इनकी बिक्री और सप्लाई से भी जुड़ा हुआ था। जांच के दौरान ई-सिगरेट की खरीद, सप्लाई और संभावित नेटवर्क से जुड़े पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार इस कार्रवाई का उद्देश्य प्रतिबंधित निकोटीन उत्पादों की अवैध उपलब्धता पर रोक लगाना है। पुलिस टीम इलाके में इस तरह की गतिविधियों से जुड़ी अन्य जानकारियां भी जुटा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस मामले में अन्य लोग तो शामिल नहीं हैं।
अजमेरी गेट और उसके आसपास के इलाके व्यावसायिक गतिविधियों के लिहाज से काफी व्यस्त माने जाते हैं। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि प्रतिबंधित उत्पादों की अवैध बिक्री या सप्लाई के लिए यहां स्थानीय नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
आरोपी शाहजेब से पूछताछ के दौरान पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि वह कब से प्रतिबंधित ई-सिगरेट के संपर्क में था और उसे ये उत्पाद किस व्यक्ति या स्रोत से मिले। जांच में उसके संपर्कों और संभावित खरीदारों की जानकारी भी खंगाली जा सकती है।
पुलिस ने बरामद इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट की संख्या और उनकी कुल कीमत को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। जांच एजेंसी का फोकस फिलहाल सप्लाई चेन और इस तरह के प्रतिबंधित उत्पादों की उपलब्धता के स्रोत का पता लगाने पर है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंधित ई-सिगरेट से जुड़े मामलों में केवल बरामदगी ही नहीं, बल्कि इनके पीछे काम करने वाले नेटवर्क तक पहुंचना भी जरूरी है। इसी वजह से गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के साथ उससे जुड़े अन्य स्थानों और लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
इस संयुक्त ऑपरेशन में एंटी-नारकोटिक्स सेल और हौज काजी थाना पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पुख्ता सूचना मिलने के बाद रात के समय कार्रवाई की गई और आरोपी को मौके से पकड़ा गया। पुलिस का कहना है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट की अवैध उपलब्धता को लेकर पुलिस की निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है। खासकर ऐसे इलाकों में जहां युवाओं और ग्राहकों तक इन उत्पादों की पहुंच होने की आशंका रहती है, वहां सूचना तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।
इस मामले में आरोपी के खिलाफ संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बरामद ई-सिगरेट किसी बड़े सप्लायर से लाई गई थीं या स्थानीय स्तर पर इनकी खरीद हुई थी।
फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की जांच जारी है। पूछताछ और बरामद सामग्री की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि इस मामले का दायरा कितना बड़ा है और क्या इसके पीछे कोई संगठित सप्लाई नेटवर्क काम कर रहा था।
अजमेरी गेट में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित निकोटीन युक्त इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट की अवैध खरीद-बिक्री या कब्जे से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब जांच का अगला फोकस आरोपी के स्रोत और संभावित नेटवर्क का पता लगाने पर है।
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