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नई दिल्ली। भारत और इटली ने पर्यटन के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मंगलवार को पर्यटन पर भारत-इटली के दूसरे जॉइंट वर्किंग ग्रुप (JWG) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों देशों के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने, कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाने, सिने-टूरिज्म को प्रोत्साहित करने, पर्यटन से जुड़े कौशल विकास और दोनों देशों के पर्यटन कारोबारियों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे कई अहम विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार और इटली के पर्यटन मंत्रालय की सेक्रेटरी-जनरल इमानुएला ट्रिपी ने की। दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा लिया और पर्यटन सहयोग को आगे बढ़ाने के विभिन्न तरीकों पर विचार-विमर्श किया।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में पर्यटन मंत्रालय के अलावा संस्कृति मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल रहे। इसके साथ ही रोम स्थित भारतीय दूतावास और इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स यानी IATO के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया। इससे पर्यटन को केवल सरकारी स्तर पर ही नहीं, बल्कि पर्यटन उद्योग और टूर ऑपरेटरों के स्तर पर भी आगे बढ़ाने पर जोर दिखाई दिया।
इटली की तरफ से भी कई महत्वपूर्ण विभागों और संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे। इनमें इटली के पर्यटन मंत्रालय, विदेश एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय, नई दिल्ली स्थित इटली के दूतावास और इटैलियन नेशनल टूरिज्म बोर्ड यानी ENIT के अधिकारी शामिल थे।
बैठक के दौरान दोनों देशों ने पर्यटन डेटा के आदान-प्रदान को लेकर चर्चा की। पर्यटन से संबंधित डेटा किसी भी देश के लिए यह समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है कि किस क्षेत्र से कितने पर्यटक आ रहे हैं, उनकी पसंद क्या है और किन पर्यटन स्थलों में यात्रियों की रुचि बढ़ रही है। भारत और इटली के बीच ऐसे डेटा को साझा करने से भविष्य की पर्यटन योजनाओं और प्रचार अभियानों को बेहतर तरीके से तैयार करने में मदद मिल सकती है।
दोनों देशों के बीच कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने पर भी विशेष चर्चा हुई। भारत और इटली दोनों ही अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के लिए दुनियाभर में पहचाने जाते हैं। हालांकि दोनों देशों में कई ऐसी जगहें भी हैं जो लोकप्रिय पर्यटन स्थलों की तुलना में कम जानी जाती हैं। बैठक में ऐसे स्थानों को अधिक पर्यटकों तक पहुंचाने और उनके प्रचार की संभावनाओं पर विचार किया गया।
सिने-टूरिज्म भी बैठक का एक प्रमुख विषय रहा। फिल्मों और अन्य दृश्य माध्यमों में किसी जगह को दिखाए जाने के बाद उस स्थान के प्रति पर्यटकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। भारत और इटली दोनों का फिल्म और सांस्कृतिक क्षेत्र काफी बड़ा है। ऐसे में दोनों देशों ने पर्यटन और फिल्मों के बीच बेहतर तालमेल की संभावनाओं पर चर्चा की।
डेस्टिनेशन ट्विनिंग को लेकर भी बैठक में विचार-विमर्श हुआ। इसके तहत दोनों देशों के पर्यटन स्थलों के बीच सहयोग बढ़ाने और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने की संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया गया। इससे पर्यटन प्रबंधन, स्थानीय संस्कृति के प्रचार और यात्रियों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जा सकता है।
बैठक में पर्यटन क्षेत्र के लिए स्किलिंग और क्षमता निर्माण को भी महत्वपूर्ण बताया गया। पर्यटन उद्योग में होटल, ट्रैवल सर्विस, टूर गाइड, परिवहन और कई अन्य सेवाएं शामिल होती हैं। इन क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक जरूरतों के अनुसार कौशल उपलब्ध कराने से पर्यटकों को बेहतर सेवाएं दी जा सकती हैं।
भारत और इटली के बीच बिजनेस-टू-बिजनेस यानी B2B संपर्क मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। दोनों देशों के टूर ऑपरेटरों, पर्यटन कंपनियों और अन्य व्यवसायों के बीच बेहतर संपर्क से नए पर्यटन पैकेज और यात्रा विकल्प तैयार होने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इससे भारतीय यात्रियों के लिए इटली और इटली के यात्रियों के लिए भारत के अलग-अलग पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान बनाने में भी मदद मिल सकती है।
पर्यटन क्षेत्र में B2B जुड़ाव बढ़ने से दोनों देशों के निजी क्षेत्र को सीधे बातचीत करने और नए व्यावसायिक अवसर तलाशने का मंच मिल सकता है। बैठक में इस दिशा में ज्यादा प्रभावी और नियमित संपर्क की जरूरत पर चर्चा हुई।
भारत और इटली के बीच पर्यटन संबंध केवल यात्रियों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत पर्यटन सहयोग के लिए बड़ा आधार प्रदान करती है। भारत में धार्मिक, ऐतिहासिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन के कई विकल्प मौजूद हैं, जबकि इटली अपनी कला, स्थापत्य, इतिहास और संस्कृति के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है।
ऐसे में दोनों देशों के बीच पर्यटन सहयोग बढ़ने से यात्रियों को नए अनुभव उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन उद्योग को भी फायदा मिल सकता है। खास तौर पर कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार मिलने से वहां रोजगार और स्थानीय कारोबार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
दूसरे भारत-इटली जॉइंट वर्किंग ग्रुप की बैठक में हुई चर्चा से साफ है कि दोनों देश पर्यटन संबंधों को अलग-अलग क्षेत्रों में विस्तार देना चाहते हैं। पर्यटन डेटा के आदान-प्रदान से लेकर सिने-टूरिज्म, डेस्टिनेशन ट्विनिंग, स्किलिंग, क्षमता निर्माण और B2B संपर्क तक कई विषयों को इसमें शामिल किया गया है।
बैठक के जरिए दोनों देशों ने पर्यटन क्षेत्र में संस्थागत और कारोबारी स्तर पर सहयोग बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ने की इच्छा जताई है। आने वाले समय में इन विषयों पर ठोस पहल से भारत और इटली के बीच पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने और दोनों देशों के यात्रियों के लिए नए अवसर खुलने की संभावना है।
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