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भारत के लिए एशियन गेम्स में शानदार दिन, चिकिता तनिपार्थी ने डेढ़ घंटे में जीते दो गोल्ड
Shantanu Roy
30 Sept 2026 3:58 PM IST

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New Delhi. नई दिल्ली। एशियन गेम्स में बुधवार का दिन भारत के लिए कई बड़ी उपलब्धियां लेकर आया। 21 साल की चिकिता तनिपार्थी ने करीब डेढ़ घंटे के अंतर में दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए। पहले उन्होंने महिला कंपाउंड टीम के साथ चीन को हराया और इसके बाद साहिल राजेश जाधव के साथ मिक्स्ड टीम इवेंट का खिताब भी जीत लिया। भारत की महिला तीरंदाजी टीम में ज्योति सुरेखा और पृथिका प्रदीप भी शामिल थीं। वहीं बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन ने 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बनाकर गोल्ड की उम्मीद बढ़ा दी है।
चिकिता ने डेढ़ घंटे में जीते दो गोल्ड
चिकिता तनिपार्थी ने दिन की शुरुआत महिला कंपाउंड टीम के फाइनल से की। भारतीय टीम ने चीन को 238-234 के अंतर से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस जीत में चिकिता के साथ ज्योति सुरेखा और पृथिका प्रदीप शामिल रहीं। महिला टीम की इस जीत के साथ भारत ने इस इवेंट में लगातार दूसरी बार गोल्ड हासिल किया। 238 अंक के स्कोर के साथ भारतीय टीम ने महिला कंपाउंड आर्चरी के वर्ल्ड रिकॉर्ड की भी बराबरी की, जो साउथ कोरिया ने 2014 में बनाया था। इसके बाद चिकिता ने साहिल राजेश जाधव के साथ कंपाउंड मिक्स्ड टीम फाइनल में हिस्सा लिया। भारतीय जोड़ी ने कोरिया को टाईब्रेक में हराकर दूसरा स्वर्ण पदक जीत लिया। इस जीत के साथ चिकिता का इस एशियन गेम्स में दूसरा गोल्ड हो गया, जबकि साहिल ने पहला स्वर्ण हासिल किया।
भारत के 8 गोल्ड में महिलाओं की बड़ी भूमिका
भारत को अब तक मिले आठ गोल्ड मेडल में से पांच महिलाओं के नाम रहे हैं। इनमें तीरंदाजी और पिस्टल के मिक्स्ड इवेंट के स्वर्ण भी शामिल हैं। पुरुष कबड्डी टीम ने भी भारत के लिए एक गोल्ड जीता है। चिकिता के अलावा ज्योति सुरेखा का भी तीरंदाजी में अहम योगदान रहा। ज्योति ने इससे पहले 2023 के एशियाड में तीन गोल्ड मेडल जीते थे। वहीं पृथिका प्रदीप भी महिला टीम की इस स्वर्ण पदक जीत का हिस्सा बनीं।
लवलीना ने फाइनल में बनाई जगह
बॉक्सिंग में भारत की लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में कजाखस्तान की नताल्या को 3-2 से मात दी। इस जीत के बाद वह फाइनल में पहुंच गई हैं। लवलीना के पास अब गोल्ड मेडल जीतने का मौका है। वह इससे पहले भी एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंच चुकी हैं, लेकिन पिछली बार स्वर्ण पदक हासिल नहीं कर पाई थीं।
जूडो और शूटिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
जूडो में अस्मिता डे ने रेपेचेज मुकाबला जीतकर ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में जगह बनाई। इससे पहले वह क्वार्टर फाइनल में हार गई थीं, लेकिन रेपेचेज के जरिए उनके पास पदक जीतने का मौका बना रहा। शूटिंग में नीरू ढांडा और किनान चेनाई की भारतीय जोड़ी ने ट्रैप मिक्स्ड टीम के फाइनल में जगह बनाई। दोनों ने क्वालिफिकेशन में 136 अंक हासिल किए। नीरू इससे पहले महिला ट्रैप में गोल्ड जीत चुकी हैं।
कुश्ती और स्क्वॉश में भी भारत की नजरें मेडल पर
स्क्वॉश में भारतीय महिला टीम ने सिंगापुर को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और अपना एक मेडल पक्का कर लिया। तंवी खन्ना और अनाहत सिंह ने अपने-अपने सिंगल्स मुकाबले जीतकर टीम को आगे पहुंचाया। कुश्ती में सुनील कुमार ने 87 किग्रा ग्रीको-रोमन वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाई, हालांकि सेमीफाइनल में उन्हें जापान के ताइजो योशिदा से हार मिली। अब वह ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में उतरेंगे। वहीं निशा अपने रेपेचेज मुकाबले में हार गईं, जिससे उनका एशियन गेम्स अभियान समाप्त हो गया।
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